ईडी ने धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) के पास के इलाकों में ये कार्रवाई की। ईडी के अनुसार, जांच में पाकिस्तान, जम्मू-कश्मीर और पंजाब के बीच संचालित एक संगठित नार्को टेरर नेटवर्क का खुलासा हुआ है। एजेंसी ने दावा किया है कि पाकिस्तान स्थित हैंडलर प्रतिबंधित आंतकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन से जुड़े थे। वे कुपवाड़ा जिले के एलओसी से सटे अमरोही क्षेत्र के रास्ते भारत में हेरोइन की तस्करी कर रहे थे। इस नेटवर्क में कश्मीर के सफीर अहमद और कफील अहमद, जबकि पंजाब के सतनाम सिंह और मनजीत सिंह उर्फ मान सहित अन्य लोगों की भूमिका सामने आई है।
जांच में सामने आया कि 35 पैकेट हेरोइन सीमापार से भेजी गई। इनमें पांच पैकेट स्थानीय स्तर पर रखे गए। वहीं 30 पैकेट ट्रक के टायर में छिपाकर श्रीनगर पहुंचाए गए। इसके बाद ये खेप पंजाब भेजी गई जिसे सितंबर 2023 में बनिहाल के पास पकड़ लिया गया। इसका वजन करीब 31 किलोग्राम था। ईडी ने बताया कि इसी नेटवर्क के माध्यम से 60 किलोग्राम से अधिक हेरोइन जम्मू-कश्मीर से पंजाब पहुंचाई गई। उसकी ब्रिकी से अर्जित पैसों का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों में किया गया।
जांच एजेंसी ने दस्तावेज और कई बैंक खाते किए फ्रीज
ईडी की जांच में पता चला कि पंजाब स्थित नेटवर्क ने हेरोइन को इधर-उधर करने और बांटने के लिए जाली दस्तावेज, गाड़ियों के नकली कागजात, गाड़ियों में छिपी हुई जगह, कई तरह के ट्रांसपोर्ट के साधन और नकद लेन-देन का इस्तेमाल किया। इसी नेटवर्क से कश्मीर से पंजाब तक हेरोइन ले जाने के कई और मामलों का भी पता लगाया है। जांच में मनजीत सिंह उर्फ मान व सरबजीत सिंह के खातों में बड़ी रकम नकद जमा करने से जुड़े बैंकिंग ट्रांजेक्शन का भी पता चला है। तलाशी के दौरान ईडी ने आपत्तिजनक दस्तावेज व बैंक खाते के रिकॉर्ड जब्त किए। एजेंसी ने कई बैंक खाते भी फ्रीज किए। इनमें करीब 49.9 लाख रुपये जमा थे।