फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Earthquake: जम्मू कश्मीर में फिर आए भूकंप के दो झटके, पांच दिनों में 13 बार कांपी धरती

Sat, 27 Aug 2022 02:03 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

जम्मू-कश्मीर में भूकंप के झटकों से दहशत का माहौल है। शुक्रवार के बाद आज फिर से भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। डोडा जिले में शनिवार को दो हल्के भूकंप के झटके महसूस किए गए।
विज्ञापन
भूकंप - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जम्मू संभाग के डोडा जिले में शनिवार को दो हल्के भूकंप के झटके महसूस किए गए। अधिकारियों के अनुसार, सुबह साढ़े चार घंटे के भीतर 2.9 और 3.4 तीव्रता के झटके महसूस किए गए हैं।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि शनिवार सुबह 4.32 बजे आए पहले भूकंप का केंद्र भद्रवाह शहर से 26 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम में 32.87 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 75.46 डिग्री पूर्व देशांतर 10 किलोमीटर की गहराई पर था। इसके बाद डोडा शहर से पांच किलोमीटर दक्षिण पूर्व में सुबह 9.6 बजे एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए।

मंगलवार से शनिवार के बीच जम्मू संभाग के डोडा, किश्तवाड़, कटरा (रियासी) और उधमपुर जिलों में हल्की तीव्रता वाले कुल 13 भूकंप आ चुके हैं। अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान किसी के हताहत होने या संपत्ति के नुकसान की कोई खबर नहीं है।
विज्ञापन



 
Trending Videos
विज्ञापन

जम्मू संभाग में लगातार डोल रही धरती खतरे का संकेत दे रही है। विशेषज्ञों के अनुसार टेक्टॉनिक प्लेट पर चंबा, किश्तवाड़, उधमपुर और कटड़ा टिका है, जिसमें दबाव बढ़ने से भूकंप के झटके बढ़े हैं। ये क्षेत्र लंबे समय से और हाल के दिनों में टेक्टॅनिक रूप से अधिक सक्रिय हुए हैं।

भूकंप की सबसे ज्यादा खतरे वाली श्रेणी में आने वाले जम्मू कश्मीर को बड़े भूकंप की स्थिति से निपटने की तैयारी करने की जरूरत है। पुराने इतिहास और हाल के दशकों में आए भूकंप के ट्रेंड समेत भूगर्भीय हलचल पर आधारित अध्ययन यहां बड़े भूकंप के खतरे की ओर इशारा कर रहे हैं। 

किश्तवाड़ के जंगलवार इलाके में वर्ष 2013 में 5.7 की तीव्रता वाला भूकंप आ चुका है। इसी तरह वर्ष 1962 में 6.2 और 1951 में 6.4 की तीव्रता वाला भूकंप चंबा में आया था, जिसका सीधा असर जम्मू कश्मीर के पहाड़ी क्षेत्रों पर दिखा था। जम्मू विश्वविद्यालय में ज्योलाजी विभाग के प्रोफेसर जीएम भट्ट के अनुसार जम्मू कश्मीर सिस्मिक जोन 4 और 5 की श्रेणी में आता है। यहां 8 या इससे अधिक की तीव्रता वाले भूकंप भी आ सकते हैं, जबकि निर्माण कार्यों में भूकंप रोधी पहलू पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें