राजोरी में बाढ़ से हुई तबाही और उसके बाद राहत सामग्री प्रदान करने के बारे में डीसी ने बताया कि बाढ़ पीड़ित हर परिवार को महीने में 35 किलोग्राम राशन मुफ्त प्रदान किया जा रहा है। डीसी जितेंद्र कुमार सिंह ने मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि जिले में बाढ़ से 93 लोगों की मौत हुई है। इसमें नौशेरा के राजपुरा बाटा में बस हादसे में मारे गए लोग भी शामिल हैं।
जिले में करीब 3400 मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए हैं और करीब 6300 मकानों को आंशिक रूप से क्षति पहुंची है। इसके साथ 50 फीसदी फसलें नष्ट हुई हैं। करीब 12 हजार कनाल भूमि बाढ़ की भेंट चढ़ी है। डीसी के अनुसार, जिले के विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने के लिए विशेष टीमें गठित की गईं हैं। उन पर निगरानी रखने के लिएफ्लाइंग स्क्वायड का गठन भी किया गया है।
जिले में करीब 190 करोड़ रुपये का नुकसान आंका जा रहा है। जिसमें बिजली के मूलभूत ढांचे का क्षतिग्रस्त होना, डग वेल के साथ पीएचई की सैकडा़ें स्कीमों का क्षतिग्रस्त होना, स्कूल भवनों के साथ साथ स्वास्थ्य केंद्रों के भवनों का भी क्षतिग्रस्त होना शामिल है।
डीसी ने राज्य सरकार को भेजी गई रिपोर्ट में करीब 80 करोड़ रुपये तुरंत जारी करने की मांग की है। विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दवाओं को पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ-साथ कई गैर सरकारी संस्थाओं से भी मदद मांगी जा रही है।