फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jammu News: नियमों पर गैर कानूनी ई-शटर, बाइक की नंबर प्लेट छिपाने के लिए इलेक्ट्रिक शटर चढ़वा रहे चालक

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

जम्मू। यातायात नियमों पर अब ई-शटर डाल कार्रवाई से बचा जा रहा है। ज्यादातर दोपहिया वाहनों की नंबर प्लेट ढंकने के लिए ई-शटर उपकरण का इस्तेमाल हो रहा है। यही नहीं, उपकरण का इस्तेमाल आपराधिक छवि वाले भी कर रहे हैं। हालांकि इसकी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई। ऑनलाइन चालान से बचने के लिए भी स्टंटबाज नया पैंतरा अपना रहे हैं। बाइक की हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट कैमरे की पकड़ में न आए इसलिए नंबर प्लेट पर ई-शटर चढ़ाए जा रहे हैं। यह रिमोट से कंट्रोल होता है और बाइक चालक मर्जी से इसे खोल और बंद कर सकता है। इससे बाइक चालक की पहचान जाहिर नहीं हो पाती। इस कारण शहर में अपराध बढ़ने का खतरा है। अपराधी वाहन पर ऐसा उपकरण लगा कर किसी भी वारदात को अंजाम दे सकते हैं, जो पुलिस और परिवहन विभाग के लिए चुनौती से कम नहीं है।
गैर कानूनी काम शहर की कुछ दुकानों पर चल रहा है। नरवाल में पुलिस ने ऐसी दो दुकानों के खिलाफ कार्रवाई की है। इसमें प्रिंस एक्सेसरीज और क्विकवे मॉडिफिकेशन शामिल है। पहले इन दुकानों पर बाइक ठीक करने का सामान्य काम होता था, लेकिन तीन महीने से यहां बाइक मॉडिफिकेशन के नाम पर नंबर प्लेट पर ई-शटर चढ़ाए जा रहे थे। प्रेशर हॉर्न और तेज आवाज के साइलेंसर भी लगाए जा रहे थे।
विज्ञापन

मामला सामने आने के बाद पुलिस की मदद से आरटीओ और राजस्व विभाग ने कार्रवाई की। विभाग ने मोटर वाहन अधिनियम की धारा 182 (ए) का उल्लंघन करने पर दुकानें सील कीं। जांच में सामने आया है कि जिन दोपहिया वाहनों पर ई-शटर लगाए गए हैं वे श्रीनगर के ब्लॉगर के हैं। इन्हें किस मकसद से लगाया गया था अभी तक इस बारे में जानकारी नहीं मिल पाई है। वहीं, नंबर प्लेट पर लगने वाला इलेक्ट्रिक शटर रिमोट से कंट्रोल होता है। चालक वाहन चलाते समय हुए भी रिमोट के जरिये नंबर प्लेट को कैमरे की नजर से बचा सकता है। ऐसे में ट्रिपलिंग, बिना हेलमेट या तेजी गति से बाइक चलाने पर ऑनलाइन चालान नहीं कट सकेगा।
विज्ञापन


दुकानों को सीज कर नोटिस दिया है। अब आरोपियों को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।
- पंकज भगोत्रा, आरटीओ

दुकान संचालक सोशल मीडिया पर अवैध काम का प्रचार कर रहे थे। संज्ञान में बात आई तो पुलिस की मदद से कार्रवाई की। शहर में बाइक मॉडिफिकेशन करने वाली दुकानों का औचक निरीक्षण किया जाएगा। ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों से उपकरण मिलने के बारे में कहा कि जल्द उक्त कंपनियों को ई मेल की जाएगी।
-रिहाना तबासुम, एआरटीओ

इस तरह का काम करने वालों पर नजर बनाए हुए हैं। ऐसे करने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई करेंगे।
-फैजल कुरैशी, एसएसपी ट्रैफिक
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें