देश भर की तरह शनिवार को श्रीनगर में भी बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व दशहरा मनाया गया। सुरक्षा के कड़े इंतजाम के बीच श्रीनगर में दशहरा मनाया गया। श्रीनगर के पोलो ग्राउंड में जोश और उत्साह के साथ रावण, मेघनाथ और कुंभकरण का पुतला जलाकर लोगों ने जश्न मनाकर बुराई पर अच्छाई की जीत दर्ज की। मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती विशेष अतिथि के तौर पर पहुंची थीं।
उनके साथ पीडब्ल्यूडी मंत्री नईम अख्तर, एमएलसी सुरिंदर अंबरदार, एमएलसी खुर्शीद आलम, पुलिस महानिदेशक डॉ एसपी वैद मौजूद रहे।दशहरा के मौके पर कश्मीरी पंडितों के साथ साथ मुस्लिम समुदाय के लोग भी पोलो ग्राउंड में उपस्थित थे। उनका उत्साह देखते ही बनता था।
बशीर अहमद ने बताया कि वह आज के दिन हिंदू समुदाय के लोगों के साथ इस पर्व को मनाने पहुंचा है। बशीर के अनुसार कश्मीर में सदियों से सर्वधर्म सम्मान और भाईचारे के परंपरा चलती आ रही है और आज भी वह कायम है जिसके चलते वह यहां पहुंचे हैं।
दशहरा के यह कार्यक्रम कश्मीरी पंडित संघर्ष समिति द्वारा किया गया था। वर्षों के बाद यह आयोजन किया। कश्मीर घाटी में वर्ष 2007 के बाद से फिर से दशहरा मनाने की परंपरा को आगे बढ़ाया गया है। समिति के अध्यक्ष संजय टिक्कू ने कहा कि आज जिस तरह से कश्मीर में दशहरा मनाया गया उससे लोगों को यह जान लेना चाहिए कि यहां हालात ठीक हैं।