अटल बिहारी वाजपेयी ने गुरूवार को अंतिम सांस ली मगर उनकी यादें और किस्से हमारे बीच रह गए। उनमे से एक किस्सा कारगिल युद्ध का है। जब उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को फोन पर बॉलीवुड एक्टर दिलीप कुमार से बात कराईं। इस किस्से को पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद कसूरी ने अपनी किताब में भी जिक्र किया है। भारत को कारगिल की जंग जीते 19 साल बीत चुके हैं। उस युद्ध में भारत के 527 वीर सपूत वीर गति को प्राप्त हुए और 1363 घायल हुए थे। भारत ने यह युद्ध 84 दिनों में जीता था।
अटलजी फोन पर बोले, पहले गर्म जोशी से स्वागत अब ऐसा व्यवहार
तत्कालीन विदेश मंत्री ने अपनी किताब 'नाइदर अ हॉक नॉर अ डव' में तत्कालीन प्रिंसिपल सेक्रेटरी सईद मेहंदी के हवाले से लिखते हुए बताया कि 'कारगिल युद्ध के दौरान नवाज शरीफ के साथ बैठे हुए थे, तभी एक फोन आया। एडीसी ने शरीफ को बताया कि भारत के पीएम अटल बिहारी वाजपेयी उनसे तुरंत बात करना चाहते हैं। अटलजी ने नवाज से कहा कि आपने मुझे लाहौर बुलाया था, वहां मेरा स्वागत बड़े गर्मजोशी से किया गया लेकिन उसके बाद भी मेरे देश के साथ ऐसा बर्ताव किया जा रहा है।'
अटलजी की बात सुनकर जब सरीफ हो गए थे हैरान
किताब के मुताबिक सईद ने बताया था कि अटलजी की बात सुनकर नवाज शरीफ दंग रह गए थे। जिसके बाद शरीफ ने अटलजी से बोला कि आप किस बारे में बात कर रहे हैं। मैं आर्मी चीफ से बात करके आपसे बात करता हूं। इस बात के खत्म होते ही नवाज फोन काटने ही वाले थे कि अटलजी ने उनसे कहा जरा ठहरिए मुझे आपसे किसी की बात करवानी है। फोन पर अगली आवाज दिलीप कुमार की थी। जिसे सुनकर नवाज शरीफ दंग थे। दिलीप कुमार आजादी से पहले मूल रूप से पाकिस्तान के पेशावर के रहने वाले थे और उनका असली नाम युसूफ खान है।
दिलीप कुमार बोले आपसे ऐसी उम्मीद नहीं, क्या हम भी वापस पाकिस्तान आकर बस जाएं
किताब के मुताबिक, फोन पर अपनी बात को बढ़ाते हुए दिलीप कुमार बोले मियां साहब आप हमेशा भारत-पाकिस्तान के बीच शांति के मुद्दे पर अडिग रहे हैं आप ऐसा करेंगे ऐसी उम्मीद नहीं थी। भारत में मुसलमान दोनों देशों के बीच के तनाव के चलते अपने आपको असुरक्षित महसूस कर रहा है। लोग अपना घर तक छोड़ने की सोच रहे हैं। ऐसे हालातों से निपटने के लिए कुछ कीजिए।