दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने जिन दो आतंकियों दुजाना और उकाशा पर देश की राजधानी में फिदायीन हमले की आशंका जताई है, उन्होंने मई माह में पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद नावेद याकूब और मोहम्मद नोमान के साथ लाइन आफ कंट्रोल से घुसपैठ की थी।
उधमपुर में बीएसएफ के काफिले पर हमले के दौरान नोमान ढेर कर दिया गया था, जबकि नावेद को दो ग्रामीणों ने जिंदा पकड़ लिया था। बताया जाता है कि हमले से पहले लश्कर के आतंकी दुजाना और उकाशा सहित छह आतंकी कई दिनों तक कुलगाम इलाके में एक साथ रहे थे।
मिली जानकारी के अनुसार पाकिस्तान कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में स्थित आतंकी प्रशिक्षण शिविर में एक साथ ट्रेनिंग हासिल करने के बाद आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के सभी आतंकियों ने 27 मई को जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ की थी।