जम्मू। नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान में एक तरफ पुलिस नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है तो स्वास्थ्य विभाग ने नशा पीड़ितों के इलाज की व्यवस्था मजबूत की है। जम्मू संभाग के पांच मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पतालों में 170 बेड आरक्षित रखे गए हैं।
उपराज्यपाल के निर्देश के बाद जीएमसी जम्मू में डी-एडिक्शन आईपीडी के लिए 40 बेड समर्पित किए गए हैं। इसके अलावा डोडा, राजोरी, कठुआ और उधमपुर के जिला अस्पतालों में 20-20 बेड की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। सांबा, रियासी, किश्तवाड़ और पुंछ के अस्पतालों में भी 10-10 बेड विशेष रूप से नशा मुक्ति उपचार के लिए आरक्षित किए गए हैं। एक तरफ जहां पुलिस नशा तस्करों के घर गिरा रही है, संपत्ति कुर्क कर रही है, स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग मिलकर अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं। स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम करवाए जा रहे हैं ताकि युवाओं को नशे के दुष्प्रभाव के बारे में जानकारी दी जा सके।
स्वास्थ्य विभाग के मनोचिकित्सक शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दे रहे हैं। हाल ही में स्वास्थ्य विभाग ने जम्मू जिले के स्कूलों के एक-एक शिक्षक को मास्टर शिक्षक के रूप में तैयार किया है। उन्हें नशे पीड़ितों की पहचान, शुरुआती लक्षण और व्यवहार में आए बदलावों को पहचाने के लिए जरूरी प्रशिक्षण दिया है। सरकार का उद्देश्य केवल तस्करों पर कार्रवाई करना नहीं बल्कि नशे के शिकार लोगों को नई जिंदगी देना भी है।