घाटी में लगातार बढ़ती आतंकी घटनाओं और सीमा पार से अलगाववादियों के कनेक्शन के मिले ताजा इनपुट के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने सुरक्षा रणनीति में बदलाव किया है।
अब घाटी के जंगलों में आतंकियों की खोज में ड्रोन को लगाया जाएगा। मकसद यह है कि आतंकियों की मौजूदगी की हर पल की सूचना सुरक्षा एजेंसियों को रहे ताकि उसके अनुरूप कार्रवाई की जा सके।
सूत्रों के अनुसार सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिले हैं कि लोकसभा उपचुनाव के दौरान आतंकी तंजीमें किसी बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने की साजिश रच चुके हैं। इसके लिए लश्कर और हिजबुल ने हाथ मिला लिया है। हाल के दिनों में सुरक्षा बलों पर हुए हमलों को भी इसी कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।