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पेयजल प्रभावित इलाकों के लिए पीएचई बनाएगा प्लान

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जम्मू। पेयजल प्रभावित इलाकों में पीएचई विभाग प्लान तैयार करेगा। इसके लिए मुख्य अभियंता ने तमाम एक्सईएन को आदेश जारी किए हैं। एक्सइएन पेयजल प्रभावित इलाकों के लिए प्लान तैयार करेंगे। प्लान दो माह के अंदर मुख्य अभियंता के पास भेजना होगा। इसके बाद प्रस्ताव मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। मंजूरी के बाद प्रभावित इलाकों में योजना पर काम हो सकेगा।
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गर्मी के दिनों में शहर के सिद्ड़ा, नरवाल, बठिंडी, लोअर रूपनगर और भौर कैंप इलाकोें में पेयजल की जबरदस्त किल्लत होती है। कुछ इलाकों में पाइपें पुरानी होने के कारण पानी का प्रेशर कम आता है, तो कुछ इलाकों में पानी की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो रही है। इस कारण लोगों को पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। सिद्ड़ा, नरवाल, बठिंडी में आबादी बढ़ रही है। मगर पानी की आपूर्ति पूर्व की व्यवस्था पर हो रही है।
कुछ जगहों में नए घर भी बने हैं। इस कारण इन इलाकों में पेयजल पूरा नहीं हो रहा है। लोअर रूप नगर और भौर कैंप में भी हालत ऐसी ही है। एक्सईएन इलाकों में पानी स्टोरेज टैंक, नई पाइप लाइन बिछाने, ट्यूबवेल लगाने पर प्लान तैयार करेंगे।
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पहले 24 घंटे पेयजल मुहैया कराने का बन रहा है प्रस्ताव
शहर में 24 घंटे पेयजल मुहैया कराने के लिए भी पीएचई प्रस्ताव तैयार कर रहा है। भगवती नगर में पेयजल स्टोरेज टैंक का निर्माण होना है। यहीं से शहर के अलग-अलग हिस्सों से पेयजल आपूर्ति की जानी है। इसका भी प्रस्ताव मंजूरी के लिए केंद्र को भेजा जाएगा।
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चिनाब नदी वाटर सप्लाई स्कीम पर भी चल रहा है काम
चिनाब नदी वाटर सप्लाई स्कीम की फाइल केंद्र में फंसी हुई है। पीएचई विभाग ने शहर के लिए प्लान तैयार कर भेजा है। इस योजना से भी शहर में 24 घंटे पेयजल मुहैया कराया जाना है।
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मौजूदा समय में 54 जीएमडी मिल रहा है पानी
- शहर में पानी की जरूरत 64 जीएमडी ( मिलियन गैलेन पानी प्रति दिन) है। आपूर्ति सिर्फ 54 जीएमडी हो रही है। गर्मी में शहरवासियों को सिर्फ 42 से 44 जीएमडी पानी ही मिल पाता है। इससे शहर के अलग-अलग हिस्सों में पेयजल किल्लत होती है।
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पेयजल प्रभावित इलाकों के लिए प्लान तैयार करने को कहा गया है। दो माह के अंदर प्रस्ताव कार्यालय में भेजना होगा। इसके बाद प्रस्ताव को मंजूरी के लिए केंद्र को भेजा जाएगा और बजट की मांग की जाएगी।
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-संजीव चड्ढा, मुख्य अभियंता, पीएचई
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