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तालाबों व नालों का पानी पीने को मजबूर ओडा गांव के ग्रामीण

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घगवाल के ओडा की महिलाए नालों का पानी लाते हुए - फोटो : SAMBA
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घगवाल। तहसील की नियाबत सुराडा के गांव ओडा के ग्रामीण पानी की किल्ल्त से परेशान हैं। वे आज भी तालाबों, नालों का पानी पीने को मजबूर हैं। इसको लेकर उनमें विभाग के प्रति रोष है।
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स्थानीय निवासी कृष्ण सिंह, रामपाल शर्मा, शुभम कुमार शर्मा, प्रकाश शर्मा, मोहन लाल, पंकज शर्मा, ईश्वर दास शर्मा, जोगिंदर पाल, गोपाल शर्मा सोहन लाल, रंजीत सिंह, तारा चंद, हंस राज, सोमदत्त, बाबू राम ने बताया कि करीब 2012 में ओडा गांव में पानी की समस्या को दूर करने व साफ जल मुहैया कराने के लिए ट्यूबवेल लगाया गया। इसका काम आज तक पूरा नहीं हो पाया है। इस कारण लोग आज भी तालाबों व नालों में बहने वाले पानी पर निर्भर हैं। इन्हीं स्रोतों का पानी पी रहे हैं और रोजमर्रा के कामों में भी इस्तेमाल कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि वह अपनी समस्या को लेकर अधिकारियों सहित एसडीएम को भी बता चुके हैं। कोई उचित कदम नहीं उठाया गया है। ग्रहणी शकुंतला देवी ने बताया कि विभागों के अधिकारी कई बार चक्कर लगाकर और लोगों को आश्वासन देकर चले जाते हैं। मधु देवी ने बताया कि राजनीतिक दलों के नुमाइंदे चुनाव के दौरान समस्या सुनते हैं, उन्हें हल करने का आश्वासन भी देते हैं। चुनाव के बाद सब भूल जाते हैं। राधा रानी ने बताया कि करीब 2012 में ट्यूबवेल का काम लगा था, लेकिन आज तक पूरा नहीं हुआ। महिला अंजू बाला ने बताया कि वह जब से इस गांव में विवाह कर आई है, तब से खड्ड में बहने वाला पानी पी रहे हैं। विभागीय अधिकारियों को बताने के बाद भी ट्यूबवेल का काम पूरा नहीं हुआ है।
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फंड की कमी से देरी हुई है। ट्यूबवेल की मशीनरी आ गई है। शीघ्र ही स्थापित कर दी जाएगी व ग्रामीणों को पानी की आपूर्ति की जाएगी।
-अजय गुप्ता, एईई, जलशक्ति विभाग, सांबा।
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