बाड़ी ब्राह्मणा। पुरमंडल की पंचायत कटवालता में तपती गर्मी के साथ ही पानी की किल्लत शुरू हो गई है। लोगों को मजबूर होकर कुएं के पानी पर निर्भर रहना पड़ रहा है। पंचायत में एक डगवेल और 10 हैंडपंप अलग-अलग गांव में मौजूद हैं, लेकिन वह इस समय खराब हैं। कहीं हैंडपंपों का पानी लाल हो चुका है जो पीने योग्य नहीं है। जबकि डगवेल की मशीनरी खराब है। इसके गर्मी के कारण अलावा डगवेल में पानी का स्तर काफी नीचे गिर गया है।
पंचायत वासियों का कहना है कि जो लोग ऊपरी मोहल्लों में रहते हैं, जॉकी मेन रोड से 10 किलोमीटर ऊपर रहते हैं, उन्हें टैंकर से पानी की सुविधा मुहैया नहीं हो पा रही है। इसके चलते स्थिति बदतर है। हालांकि पंचायत के लोगों ने कुएं बुजुर्गों की धरोहर संभाल कर रखी है, जिससे वह पानी की आपूर्ति कर रहे हैं, लेकिन गर्मी इतनी बढ़ गई है कि कुआं भी सूख जाता है। सिर्फ रात और सुबह के समय पानी मात्र 1 से 2 फीट तक रहता है। पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। दूसरी ओर जानवरों का भी पानी को लेकर बुरा हाल है। तालाब और पानी के सोर्स गर्मी में सूख गए हैं। यह माजरा हर साल इन दिनों में खड़ा हो जाता है। जल शक्ति विभाग इस समस्या से निपटने के लिए पूरी तरह से बंदोबस्त नहीं किए जाते हैं।
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प्रशासन और सरकार को पानी की सुविधा सुनिश्चित करानी चाहिए। गर्मी के कारण 2 से 3 माह पानी की किल्लत होती है। पंचायत की तरफ से गर्मी आने से पहले अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया जाता है, लेकिन इसके बावजूद भी समस्या का हल नहीं हो पाता है। हर साल हमें पानी की किल्लत से जूझना पड़ता है।
-सपना सपोलिया, सरपंच
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गर्मी के दिनों में अक्सर इन क्षेत्रों में पानी की किल्लत बढ़ जाती है। इसको लेकर हम चौकस रहते हैं, लेकिन उसके बावजूद भी कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। फिलहाल के लिए हम टैंकर की आपूर्ति सप्ताह में ज्यादा दिन करने वाले हैं, जिससे लोगों को सुविधा मुहैया हो पाएगी। दूसरा इन इलाकों में पानी की समस्या को दूर करने के लिए हम किसी ट्यूबवेल आदि का भी प्रावधान बना रहे हैं। ताकि आने वाले समय में इस इलाके में पानी की कमी न होने पाए।
-सुनील शर्मा, एक्सईएन, जल शक्ति विभाग, सांबा