ज्यौड़ियां। तहसील की पंचायत ढोक खालसा में जल शक्ति विभाग की तरफ से वर्ष 2013 में नए ट्यूबवेल का निर्माण किया गया। इसको बुधवार आज तक चालू नहीं किया गया है। इससे पंचायत में पेयजल समस्या बनी हुई है। इसको पंचायत के लोगों ने जल्द चालू करने की मांग की है।
पूर्व सरपंच व मौजूदा पंच सेवानिवृत्त सूबेदार काली दास ने बताया कि पंचायत में पानी की किल्लत को दूर करने के लिए हमारी मांग पर जल शक्ति विभाग की तरफ से वर्ष 2013 में 42 लाख रुपये की राशि खर्च कर नए ट्यूबवेल का निर्माण किया गया था। इसका निर्माण किए आज सात साल बीत चुके हैं। विभाग की तरफ से आज तक उसे चालू नहीं किया गया है। काली दास ने बताया कि पंचायत के लोगों को बीते दिनों पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है, जिसके चलते उस ट्यूबवेल को चालू किया जाए।
ग्रामीण रोहित कुमार, रामकृष्ण शर्मा तथा रमण शर्मा ने बताया वर्ष 2013 में ट्यूबवेल की बोरिंग की गई थी, लेकिन आज तक पाइपों की लाइन नहीं बिछाई गई है।
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इस ट्यूबवेल का काम अप्रैल 2020 तक खत्म हो जाना था, लेकिन कोविड के चलते इस काम शेष रह गया है, उसको जल्द पूरा कराया जाएगा। उसके बाद क्षेत्र में पेयजल समस्या से छुटकारा मिल सकेगा।
-सौदागर सिंह, जेई, जल शक्ति विभाग
बिजली-पानी की समस्याएं दूर करने का निर्देश
ज्यौड़ियां। जिला विकास परिषद भलवाल ब्राह्मणा भूषण बराल ने बिजली और जल शक्ति विभाग के अधिकारियों के साथ बुधवार को बैठक की। इसमें उन्होंने अधिकारियों से बिजली-पानी को लेकर समस्याओं को जल्द हल करने के निर्देश दिए।
भूषण बराल ने कहा कि भलवाल ब्राह्मणा का क्षेत्र अधिकतर कंडी व पहाड़ी है। लोगों को खासकर गर्मी के दिनों में लोगों को बिजली और पानी की बहुत जरूरत है। वह जहां भी जाते हैं लोग उन्हें इस समस्या के बारे में बताते हैं। कुछ कंडी क्षेत्र के गांव ऐसे हैं जहां एक-एक माह से पानी नहीं है और लोग एक तरफ कोरोना महामारी से परेशान हैं। दूसरी तरफ लोग मुख्य सुविधाओं से महरूम हैं। अधिकारियों से कहा कि यदि आपको किसी तरह की कोई जरूरत है तो हमसे संपर्क करें। हम हमेशा आपका सहयोग करेंगे।
बैठक में भूषण बराल ने दोनों विभाग के अधिकारियों से जल्द ही उचित राशि देने का भी आश्वासन दिया। बैठक में भाजपा के जिल अध्यक्ष जगदीश भगत, मंडल अध्यक्ष मगां राम, मंडल खड़ाह बल्ली अध्यक्ष जगन नाथ, जिला आईटी सेल इंचार्ज प्रदीप चौधरी, गोविंद शर्मा सरपंच बबलू शर्मा, सरपंच विजय शर्मा, बाबू राम, सुरेंद्र टकाइया आदि शामिल थे।