फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दस दिन में 26 करोड़ से अधिक के चिकित्सा उपकरण होंगे शिफ्ट

विज्ञापन
विज्ञापन
जम्मू। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) जम्मू के ढांचे को समेटने का काम जारी है। दस दिन में डीआरडीओ में स्थापित 26 करोड़ रुपये से अधिक के चिकित्सा उपकरण जीएमसी और एसोसिएटेड अस्पतालों में शिफ्ट किए जाएंगे। इसमें 190 वेंटिलेटर, अत्याधुनिक सिटी स्कैन मशीन, दो एक्स-रे मशीन, 500 बिस्तर, 40 आक्सीजन कंस्टेटर आदि शामिल है।
विज्ञापन

मई 2021 में श्री अमरनाथ यात्रा के आधार शिविर भगवती नगर से सटे क्षेत्र में कोविड महामारी की आपात स्थिति में 19 दिन में 39 कनाल भूमि पर 500 बिस्तर वाला डीआरडीओ का अस्थायी अस्पताल बनाया गया था। फरवरी 2022 के बाद फिर जून जुलाई में कोविड के मामले आए। कोविड की अवधि में कुल 360 मरीज देखे गए। सभी 500 बिस्तर में सेंट्रल ऑक्सीजन सप्लाई के साथ जुड़े थे। विशेष तौर पर 125 बिस्तर आईसीयू के हैं। सामान्य बिस्तर की कीमत 20000 रुपये (कुल राशि 7500000) और आईसीयू की 50 हजार रुपये (कुल राशि 6250000) है। इसी तरह डीआरडीओ में साढ़े छह करोड़ रुपये की लागत से 128 स्लाइस वाली अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन स्थापित है, जो संभाग में सिर्फ जीएमसी जम्मू में है। इस मशीन को जीएमसी के रेडियोलाजी विभाग को शिफ्ट किया जा रहा है। दो एक्स-रे मशीनों में प्रत्येक की कीमत 30 लाख रुपये है और इसे भी रेडियोलॉजी विभाग को शिफ्ट किया जा रहा है। ऑक्सीजन की सप्लाई के लिए डीआरडीओ में 56000 लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन का प्लांट स्थापित है।
संस्थान में 190 वेंटिलेटर स्थापित हैं, जिनमें प्रत्येक की कीमत 10 लाख रुपये है और ये सभी पीएम केयर फंड से आए हैं। वेंटिलेटर जीएमसी के एनेस्थीसिया विभाग को भेजे जा रहे हैं। चालीस ऑक्सीजन कंस्टेटर को सीडी अस्पताल में शिफ्ट किया जा रहा है। डीआरडीओ में हर माह बिजली का किराया 5-6 लाख रुपये आ रहा है। अस्पताल का निर्माण करने वाली केएमके हैदराबाद एजेंसी को डीआरडीओ की ओर से हर माह के हिसाब से मई 2022 तक एक करोड़ 70 लाख रुपये किराया दिया जा रहा था, जिसके बाद इसे राज्य प्रशासन ने देना था।
विज्ञापन

अधीक्षक को छह और स्टाफ को तीन माह से वेतन नहीं
डीआरडीओ के शुरू होने पर 147 जेएसएन, 47 फार्मासिस्ट, 11 लेब टेक्नीशियन, 15 एक्स-रे टेक्नीशियन, 20 मेडिकल अफसर (डॉक्टर), दो उप चिकित्सा अधीक्षक, एक चिकित्सा अधीक्षक की तैनाती की गई थी। इसमें पांच डॉक्टरों समेत 95 प्रतिशत तक स्टाफ अनुबंध पर लगाया है, जिसमें मौजूदा 98 प्रतिशत स्टाफ के लिए एसोसिएटेड अस्पतालों में सेवाएं ली जा रही हैं। लेकिन अनुबंधित स्टाफ को तीन माह से जीएमसी प्रशासन की ओर से वेतन जारी नहीं किया गया है, जबकि चिकित्सा अधीक्षक को छह माह से वेतन नहीं मिला है।
उपकरणों को शिफ्ट करने में चुनौतियां भीं
डीआरडीओ जम्मू से करोड़ों रुपये के अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों को अगले दस दिन में एसोसिएटेड अस्पतालों में शिफ्ट करना एक बड़ी चुनौती भी है। मसलन एक बेड को शिफ्ट करने में ही चार लोगों की जरूरत होगी और इसमें प्रत्येक पर कम से कम एक हजार रुपये खर्च आएगा। इसी तरह अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन को शिफ्ट करने में ही चालीस लाख रुपये खर्च हो जाएंगे। चिकित्सा उपकरणों को स्थापित करने के लिए नियमों के तहत एसोसिएटेड अस्पतालों में नई जगह की तलाश करने के साथ पर्याप्त चिकित्सा स्टाफ की जरूरत होगी।
एसोसिएटेड अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाएं मजबूत होंगी
डीआरडीओ से करोड़ों रुपये के चिकित्सा उपकरणों के शिफ्ट होने से जीएमसी सहित एसोसिएटेड अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाएं मजबूत होंगी। डीआरडीओ को बंद करने का फैसला सरकार की ओर से लिया गया है।
विज्ञापन

- डॉ. शशि सूदन, प्रिंसिपल, जीएमसी जम्मू
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें