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अभिनव थियेटर नाट्य उत्सव: समाज के घिनौने चेहरे को उजगार करता है नाटक अंत हाजिर हो

Fri, 26 Mar 2021 03:59 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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अभिनव थियेटर में आयोजित नाटक - फोटो : अमर उजाला
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वार्षिक नाट्य उत्सव में वीरवार को अभिनव थियेटर में हिंदी नाटक ‘अंत हाजिर हो’ का मंचन किया गया। बच्चियों के शोषण पर आधारित नाटक का लेखन मीराकांत और निर्देशन सचिन धर ने किया। नाटक दर्शकों के सामने कई सवाल खड़े करते हुए समाज में लड़कियों के खिलाफ होने वाले शोषण को उजागर करता है।

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नाटक की शुरूआत धीरज नाम के व्यक्ति के घर से होती है, जहां पर युवा रंगकर्मी एक नुक्कड़ नाटक की रिहर्सल कर रहे होते हैं। सभी अपनी दोस्त शिल्पा का इंतजार करते हैं। शिल्पा के आने के बाद नाटक की रिहर्सल शुरू होती है, लेकिन शिल्पा नाटक करने से मना कर देती है। वह नया नुक्कड़ नाटक करना चाहती है।

शिल्पा के मित्र को पता चलता है कि वह इन दिनों डायरी पर नाटक लिखने में व्यस्त है, वह डायरी शिल्पा को उसकी एक मित्र ने दी है। शिल्पा नाटक की वजह से काफी परेशान है, जिसके कारण उसके व्यवहार में भी बदलाव आया है। डायरी पर आधारित नाटक का मंचन शुरू होता है। नाटक में एक परिवार की कहानी है, जहां पर एक युवा लड़की अनु को उसके पिता ने शारीरिक शोषण का शिकार बनाया है।
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इस घटना की गवाह घर की सबसे छोटी बेटी होती है। बड़ी होने पर उसे भी अपने पिता के कुकृत्य का शिकार होना पड़ता है। यह घटना उसकी मानसिक स्थिति पर असर डालती है, जिसके कारण वह आत्महत्या कर लेती है। छोटी का मनोवैज्ञानिक आघात उसकी बड़ी बहन शिल्पा दर्शकों तक पहुंचाती है।
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