जम्मू और कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने शुक्रवार को श्रीनगर के डलगेट क्षेत्र का दौरा किया, जहां उन्होंने स्थानीय व्यापारियों और कारीगरों के साथ बातचीत की। इस दौरान डॉ. फारूक ने कश्मीरी हस्तशिल्प की प्रामाणिकता को बढ़ावा देने और संरक्षित करने के महत्व पर जोर दिया, साथ ही व्यापारियों से पर्यटकों को स्थानीय रूप से निर्मित प्रामाणिक उत्पादों को प्रदर्शित करने का आग्रह किया।
डॉ. फारूक ने व्यापारियों से नकली उत्पादों की बिक्री से बचने और उन उत्पादों पर ध्यान केंद्रित करने को कहा जो घाटी की वास्तविक शिल्प कौशल को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा, “कश्मीरी हस्तशिल्प केवल वस्तुएं नहीं हैं वे हमारी पहचान और विरासत का प्रतिनिधित्व करते हैं। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि पर्यटक हमारे देश की कहानी बताने वाले प्रामाणिक उत्पाद अपने साथ ले जाएं।”
उन्होंने आगे सरकार से स्थानीय हस्तशिल्प क्षेत्र को समर्थन देने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की। उन्होंने कहा, “वास्तविक कश्मीरी हस्तशिल्प को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने के लिए पहल की तत्काल आवश्यकता है। प्रमाणन प्रणाली से लेकर बेहतर विपणन चैनलों तक, सरकार को कारीगरों की रक्षा और कश्मीर के प्रामाणिक शिल्प को बढ़ावा देने के लिए हस्तक्षेप करना चाहिए।” स्थानीय व्यापारिक समुदाय ने इस बातचीत का स्वागत किया और उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार के कश्मीर की पारंपरिक उद्योगों के लिए निरंतर समर्थन और स्थानीय कारीगरों के हितों की रक्षा के लिए उपायों को बढ़ावा देने की सराहना की। संवाद