रत्नूचक आर्मी स्टेशन की वीडियोग्राफी मामले में गिरफ्तार ओवर ग्राउंड वर्कर
- फोटो : फाइल, अमर उजाला
रत्नूचक आर्मी स्टेशन की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कर पाकिस्तान भेजने वाले संदिग्ध युवकों के बताने पर आधा दर्जन ओवरग्राउंड वर्करों की पहचान की गई है। जो हिजबुल मुजाहिदीन के लिए काम करते हैं। इनको पकड़ने के लिए वीरवार को सुरक्षा एजेंसियों ने कठुआ, डोडा सहित कई जिलों में छापेमारी की।
सूत्रों का कहना है कि तीन से चार ओजी वर्करों को पकड़ा भी है। जो कठुआ और डोडा के हैं। लेकिन इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। लेकिन एक नाम सामने आया है। कठुआ के मल्हार के रहने वाले अब्दुल करीम को पकड़ा गया है। पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि एक बड़ा रैकेट यह लोग मिलकर चला रहे थे।
सूत्रों का कहना है कि कठुआ के मल्हार से पकड़े गए अब्दुल करीम के पास से भी मोबाइल फोन मिला है, जिसमें कई फोटो और वीडियो ऐसे मिले हैं, जो पाकिस्तान भेजे गए थे। एक बात तय मानी जा रही है कि इन दोनों ने जो नाम बताए हैं, यह लोग हिजबुल के लिए काम करते हैं। आरोपी मिलकर एक बड़ा नेटवर्क चला रहे थे। जिसकी तह तक सुरक्षा एजेंसियां लगभग पहुंच गई हैं।
सुरक्षा एजेंसियों को इनके नेटवर्क की बड़ी लीड मिली है। सूत्रों का कहना है कि दोनों ने पूछताछ में खुलासा किया है कि उनके संपर्क में और भी बहुत से लोग हैं। इनमें से कुछ ऐसे हैं, जिनको उन्होंने अपने साथ जोड़ा। कुछ ऐसे हैं, जिनके जरिए हमको पैसे मिलते थे।