जम्मू। कोरोना वायरस और व लॉकडाउन के चलते डोमिसाइल कानून पर सियासत फिलहाल बयानबाजी तक जरूर सीमित है। लेकिन विपक्षी दल हालात सामान्य होने के बाद इस मुद्दे को गर्माने की तैयारी में जुटे हैं।
केंद्र सरकार ने संशोधित आदेश जारी कर हालांकि इस मामले को ठंडा करने का प्रयास किया है, लेकिन विपक्षी दल इस मामले में सियासत गर्म करने के लिए उचित माहौल का इंतजार कर रहे हैं। संशोधित कानून का भी कांग्रेस विरोध कर चुकी है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमण भल्ला के अनुसार संशोधित डोमिसाइल कानून भी प्रदेश के युवाओं के साथ मजाक है। डोमिसाइल कानून के तहत जो रियायतें बाहरी लोगों को दी गई हैं, उससे उन्हें प्रदेश का डोमिसाइल बनने में परेशानी नहीं होगी और वह भी प्रदेश में रोजगार हासिल कर पाएंगे। इससे स्थानीय युवाओं को नुकसान होगा। नेशनल कांफ्रेंस भी इस मामले पर अपना रवैया साफ कर चुकी है। पीडीपी ने हालांकि इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया हैं। लेकिन यह पार्टी भी डोमिसाइल कानून के विरोध में ही है। नव गठित अपनी पार्टी ने कानून में संशोधन का श्रेय पार्टी अध्यक्ष सईद अल्ताफ बुखारी को दिया है और भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा है कि भाजपा ने संशोधन से पहले वाले आदेश का भी स्वागत किया था। ऐसे में कानूून में संशोधन करने के लिए सईद अल्ताफ बुखारी ने केंद्रीय नेताओं को राजी किया।