मोबाइल बिल से मिले आईएमईआई नंबर ने कार हादसे में मारे गए मनजीत को झट से जिंदा पकड़वा दिया। हादसे की जांच में जुटी पुलिस को शुरुआत में लगा था कि चिनाब में कार गिरने से वाकई में बच्ची और दंपती की मौत हो गई है, लेकिन छानबीन आगे बढ़ी तो पुलिस का माथा ठनकने लगा। एसएसपी अब्दुल कयूम ने कहा, मनजीत पर देनदारी का पता चला।
प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी अखनूर ने मनजीत के नाम दो दफा वारंट जारी कर रखा था। 19 दिसंबर को उसकी तारीख थी, जहां मनजीत नहीं गया। 20 दिसंबर को उसे भद्रवाह से जम्मू की ओर जाना था, लेकिन वह गडसू की तरफ मुड़ गया। इससे शक गहराया। मनजीत के एक परिजन से मोबाइल बिल मिला, जिस पर मनजीत के मोबाइल का आईएमईआई नंबर था। इस नंबर को टेक्निकल सर्विलांस पर लगाया गया। मनजीत के मोबाइल की लोकेशन पंचकूला में ट्रैक हुई तो इसी आधार पर मनजीत, उसकी पत्नी और बच्ची को ढूंढ लिया गया, जिन्हें पहले माना जा रहा था कि वह हादसे में मर चुके हैं।