जीएमसी में तीन दिन बाद शुक्रवार की शाम पीजी डाक्टर और रजिस्ट्रारों ने सुरक्षा सहित कई अन्य बिंदुओं पर समझौते के बाद हड़ताल वापस ले ली। जीएमसी प्रशासन के साथ ढाई घंटे चली मैराथन बैठक के बाद शाम चार बजे इमरजेंसी में जूनियर डाक्टरों ने सेवाएं बहाल कर दीं। शनिवार से रुटीन आपरेशन और ओपीडी बहाल रहेगी।
जीएमसी के प्रिंसिपल डा. घनश्याम देव गुप्ता के अनुसार डाक्टरों की सभी मांगें मान ली गई हैं। सभी चिकित्सा सेवाएं सामान्य कर दी गई हैं। जीएमसी के कांफ्रेंस हॉल में दोपहर दो बजे बैठक शुरू हुई। इसमें जिला उपायुक्त एके साहू, पुलिस विभाग के प्रशासनिक अधिकारी, एसोसिएटेड अस्पतालों के एचओडी और जूनियर डाक्टरों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक में पीजी डाक्टरों ने सुरक्षा के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। डा. नीरज शर्मा ने कहा कि पहले भी आश्वासन दिए गए हैं, लेकिन तीमारदारों की ओर से मारपीट के मामलों के साथ पर्याप्त सुरक्षा को लेकर कुछ नहीं किया गया। इस पर अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में डाक्टरों की सुरक्षा पुख्ता बनाई जाएगी। दोनों पक्षों के कई सुझावों के बाद बैठक में कई आर्डर जारी किए गए।
इसमें मारपीट के मामले में दो घंटे के भीतर एफआईआर लगाने, कैजुल्टी में सुरक्षा की जिम्मेदारी राउंड द क्लाक एक मेडिकल अफसर पर रहेगी, इमरजेंसी में एक मरीज के साथ दो तीमारदार रखने, दो गेट पास ही जारी करने, 9 फरवरी को शाम चार बजे कैजुल्टी की सुरक्षा को लेकर अधिकारियों और डाक्टरों की बैठक करने, सात फरवरी को जीएमसी अधीक्षक के साथ दोपहर 12 बजे बैठक में सुरक्षा इंतजामों पर चर्चा करने आदि के लिए आदेश जारी किए गए। बैठक के बाद वीरवार शाम छह बजे तक जनरल वार्डों में जूनियर डाक्टरों की तैनाती शुरू हो गई थी।