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हद! दूसरे का इंजेक्शन गर्भवती को लगाकर करा दिया गर्भपात

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छन्नी हिम्मत के एक निजी नर्सिंग होम में लापरवाही से मां के पेट में पल रहे आठ माह के बच्चे की गर्भ में ही दर्दनाक मौत हो गई। नर्सिंग होम में महिला को सामान्य फ्ल्यूड देने की जगह उसे गर्भपात का इंजेक्शन दे दिया गया।
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बताया जाता है कि घटना के दौरान किसी दूसरी महिला का गर्भपात कराना था लेकिन वहां ड्यूटी पर डाक्टर और अन्य स्टाफ ने यह जानना भी जरूरी नहीं समझा कि वे किस मरीज को क्या इलाज दे रहे हैं।

घर वालों का आरोप है कि वे बार-बार महिला को सामान्य फ्ल्यूड चढ़ाने की बात कहते रहे लेकिन उनकी एक न सुनी गई। छन्नी हिम्मत पुलिस ने एक डाक्टर और दो पैरामेडिकल स्टाफ के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें हिरासत में ले लिया है।
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सामान्य चेकअप के लिए लाए थे अस्पताल

डुंगी ब्राह्मण (राजोरी) निवासी राकेश कुमार ने बताया कि वह गत वीरवार को अपनी गर्भवती पत्नी स्तुति शर्मा (26) को सामान्य चेकअप के  लिए जम्मू लाए थे।

एसएमजीएस में कार्यरत एक गायनी की डाक्टर डा. इंदु कौल को दिखाने के बाद उन्होंने महिला में फ्ल्यूड थोड़ा कम होने की बात कही, जिसके बाद वह गत शुक्रवार को छन्नी हिम्मत के एक निजी नर्सिंग होम में फ्ल्यूड चढ़ाने के लिए ले गए।

लेकिन वहां पहुंचने पर ड्यूटी पर डाक्टर और अन्य पैरामेडिकल स्टाफ ने उन्हें यूनिफार्म पहनकर आपरेशन थियेटर में जाने को कहा और एक दवाइयों की स्लिप हाथ में थमा दी।

बात खुलने पर चुपचाप भेज दिया घर

जब दवाई विक्रेता के पास दवाइयों और अन्य उपकरणों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इसे गर्भपात करवाने का सामान बताया, जिससे राकेश के पांव तले जमीन निकल गई।

जब तक वह ओटी में वापस पहुंचता, तब तक स्तुति को कई इंजेक्शन दिए जा चुके थे। असलियत का पता चलने पर नर्सिंग होम प्रशासन के भी होश उड़ गए और घर वालों को कोई दवाई न देने की बात कह कर घर भेज दिया गया।

 मगर शाम सात बजे स्तुति को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। उसे दोबारा नर्सिंग होम में लाया गया। जहां उसने आठ माह के मृत बच्चे (लड़के) को जन्म दिया।

हिरासत में लिए गए आरोपी डॉक्टर व स्टाफ

इस दर्दनाक घटना के बाद स्तुति होश खो चुकी है। राकेश को भी कुछ समझ नहीं आ रहा था कि उस पर यह पहाड़ कैसे गिर गया।

स्तुति की मां अनीता शर्मा और राकेश की माता निर्मल कुमारी का भी रो-रोकर बुरा हाल था। इस मामले को देख रही डा. इंदु कौल का कहना था कि बच्चे की हालत पहले से ही खराब थी और इसके बारे में घर वालों को बताया गया था।

एसडीपीओ जम्मू ईस्ट डीएसपी रफीक मन्हास के अनुसार इस मामले में एफआईआर 66/2014, अंडर सेक्शन 304-ए और 313 आरपीसी के तहत डाक्टर अमरजीत सिंह सहित ड्यूटी पर तैनात दो पैरामेडिकल स्टाफ के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। सभी को हिरासत में ले लिया गया है।
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पीड़िता के मेडिकल के लिए भटकते रहे घरवाले

राकेश कुमार का आरोप है कि जब जीएमसी में बच्चे का पोस्टमार्टम करवाकर पत्नी स्तुति को लेकर मेडिकल चेकअप के लिए वह एसएमजीएस अस्पताल पहुंचे तो उन्हें घंटों भटकना पड़ा।

अस्पताल में दोपहर को पहुंचने के बावजूद स्तुति का शाम को घंटों बाद मेडिकल किया गया। उन्हें तर्क दिया जाता रहा कि यहां ऐसे मामलों का मेडिकल नहीं होता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि डाक्टरों के दबाव के कारण ही उन्हें मेडिकल के लिए बेवजह देरी की गई।
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