केंद्र में दूसरी बार मंत्री बनने वाले उधमपुर के सांसद डा. जितेंद्र सिंह की प्राथमिकता प्रशासन को और अधिक जनता केंद्रित बनाने की है। ब्यूरोक्रेसी को और अधिक जवाबदेह बनाना भी उनकी प्राथमिकता होगी। उनकी कोशिश होगी कि ईमानदार अफसरों को पुरस्कार मिले और भ्रष्ट या तो व्यवस्था से बाहर हों या फिर उन्हें कठोर सजा मिले।
मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में भी उन्होंने कई महत्वपूर्ण कार्य किए थे। पीएमओ में रहते हुए वे मोदी के खास विश्वासपात्र थे। पिछले कार्यकाल में उन्होंने सरकारी नौकरियों में जूनियर लेवल पर इंटरव्यू खत्म करने के साथ ही गजटेड अफसरों की ओर से सत्यापन की जरूरत को खत्म कर दिया था। उनके मंत्रालय ने देश में पहला लोकपाल नियुक्त करने की प्रक्रिया में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।