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विवाह, विवाद और विच्छेद: शादी के तीन साल बाद सहमति तलाक, पत्नी ने चप्पल तक मांग लीं वापस; अब दोनों की अलग राह

Sun, 13 Sep 2026 03:50 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

तलाक की शर्त के अनुसार पति को पत्नी को स्त्रीधन के तहत आभूषणों के साथ ही अन्य उपहार वापस करने थे। पत्नी की ओर से वापस लेने वाले सामान की जो लिस्ट सौंपी गई, उसमें चप्पल भी शामिल थी।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शादी के तीन साल बाद एक जोड़े के बीच तलाक हुआ तो पति को पत्नी को दुल्हन की दो जोड़ी चप्पल भी वापस करनी पड़ी। दरअसल, तलाक की शर्त के अनुसार पति को पत्नी को स्त्रीधन के तहत आभूषणों के साथ ही अन्य उपहार वापस करने थे। पत्नी की ओर से वापस लेने वाले सामान की जो लिस्ट सौंपी गई, उसमें चप्पल भी शामिल थी।

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यह मामला जम्मू का है। नगरोटा निवासी एक युवक का विवाह जिले की ही रहने वाली एक युवती के साथ तीन मई 2023 को हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न हुआ था। शादी के एक महीने बाद ही दोनों के बीच स्वभाव, आदतों, पसंद और विचारों में भारी असमानता सामने आने लगी। दोनों एक ही छत के नीचे अजनबियों की तरह अलग-अलग रहने लगे। उनके बीच न तो बातचीत होती थी और न ही कोई वैवाहिक संबंध शेष रह गया था। अंततः पत्नी अपना ससुराल छोड़कर मायके चली गई।

सुलह की कोई स्थिति न बनती देख इस साल फरवरी में दोनों पक्षों ने परिवार अदालत का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने हिंदू विवाह अधिनियम-1955 की धारा 13-बी के तहत आपसी सहमति से तलाक के लिए संयुक्त अर्जी दाखिल की। अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश की अदालत में सुनवाई में तय हुआ कि तलाक की अंतिम प्रक्रिया (सेकंड मोशन) के समय पति अपनी पत्नी को तीन लाख रुपये की स्थायी गुजारा भत्ता राशि का भुगतान करेगा। वहीं, पहले बयान (फर्स्ट मोशन) के दौरान दोनों पक्ष शादी के वक्त दिए गए स्त्रीधन और अन्य सभी उपहार एक-दूसरे को वापस करेंगे।
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सामान की लंबी लिस्ट, जिसमें शामिल थीं चप्पलें भी
पत्नी की ओर से पति को सामान की लंबी सूची दी गई। इसमें पुरुषों की दो सोने की अंगूठी, एक सोने की चेन, एक नथ, एक रेफ्रिजरेटर, एक वॉशिंग मशीन, एक एसी, एक अलमारी, एक बाइक, एक एलईडी, एक गैस स्टोव, पुरुषों की एक घड़ी, एक चांदी का सिक्का, एक चांदी का कटोरा, एक चांदी की अंगूठी, सात स्टील की थाली, चार स्टील के डोल और 10 जोड़ी कलीरे शामिल थे। हैरत की बात यह थी कि इस सूची में दुल्हन की चुन्नी, आठ सूट के साथ-साथ दुल्हन की दो जोड़ी चप्पल भी वापस मांगी गई थी।

पति ने भी लिया अपना सामान
पत्नी की ओर से भी पति को उसके परिवार द्वारा दिए गए उपहार लौटाए गए। इन वस्तुओं में एक मंगलसूत्र, तीन सोने की अंगूठी, दो सोने की चूड़ियां, एक सोने की नथ और तीन स्मार्ट वॉच शामिल थीं। दोनों पक्षों ने अदालत में यह सहमति दी कि सामान के आदान-प्रदान के बाद इन वस्तुओं में किसी भी कमी को लेकर कोई दावा नहीं किया जाएगा।

घरेलू हिंसा का केस भी खत्म करना होगा
यह भी तय हुआ कि पत्नी की ओर से पति व उसके परिजनों के खिलाफ दर्ज घरेलू हिंसा अधिनियम की शिकायत जो पैसेंजर टैक्स जम्मू की अदालत में लंबित है, वापस ली जाएगी। इसके अलावा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 144 के तहत भरण-पोषण (मेंटेनेंस) का आवेदन और हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 9 के तहत दायर याचिका भी वापस ली जाएगी।

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