जम्मू-कश्मीर में जिला सुशासन सूचकांक (डीजीजीआई) की रैकिंग में इस बार पुलवामा ने बाजी मार ली है। सूचकांक के पहले संस्करण में टॉप पर रहने वाला जम्मू इस बार टॉप फाइव में भी जगह नहीं बना पाया है। जम्मू जिले को छठा स्थान मिला है।
जम्मू-कश्मीर में पुलवामा जिले को आतंक का सबसे बड़ा गढ़ माना जाता था। 14 फरवरी 2019 को सुरक्षा बलों के काफिले पर हुए फिदायीन हमले की वारदात हो या फिर हिजबुल कमांडर बुरहान वानी का गांव त्राल।
लंबे समय तक सरकारी व्यवस्था पुलवामा जिले में पटरी से उतरी रही, लेकिन अनुच्छेद 370 और 35-ए हटने के बाद आतंक के इस इस गढ़ ने मिथक तोड़ने शुरू कर दिए। पुलवामा की पहचान अब सुशासन के लिए हो रही है।
जिला सुशासन सूचकांक के पहल साल की रैकिंग में पुलवामा ने कश्मीर संभाग में टॉप करते हुए पहला स्थान हासिल किया था। इसमें और सुधार करते हुए पुलवामा ने 10 कठिन कसौटियों पर खरा उतरकर पूरे प्रदेश में पहला स्थान कब्जा लिया है। दिलचस्प है कि पुलवामा ने जम्मू-कश्मीर के शीतकालीन राजधानी जिला जम्मू को पांच पायदान पीछे छोड़ा है।
1 - पुलवामा - 5.926
2 - सांबा - 5.775
3 - डोडा - 5.621
4 - शोपियां - 5.379
5 - बडगाम - 5.264
6 - जम्मू - 5.263
7 - कुलगाम - 5.114
8 - गांदरबल - 5.082
9 - श्रीनगर - 5.065
10 - राजोरी - 5.026
11 - बारामुला - 4.906
12 - किश्तवाड़ - 4.808
13 - बांदीपोरा - 4.719
14 - रियासी - 4.642
15 - उधमपुर - 4.572
16 - कठुआ - 4.499
17 - अनंतनाग - 4.484
18 - रामबन - 4.261
19- कुपवाड़ा - 4.226
20 - पुंछ - 4.022