श्रीनगर। देववाणी संस्कृत के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रचार-प्रसार के लिए आगामी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा के साथ श्री कैलख ज्यौतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट की मंगलवार को बैठक संपन्न हो गई। इसकी अध्यक्षता महंत रोहित शास्त्री ने की।
उन्हाेंने कहा कि संस्कृत केवल एक भाषा नहीं बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और वैदिक ज्ञान का आधार है। इसे शैक्षणिक, सामाजिक और आध्यात्मिक जीवन का अभिन्न अंग बनाना आज की आवश्यकता है। बैठक में निर्णय लिया गया कि ट्रस्ट आगामी महीनों में संस्कृत से संबंधित नवाचारात्मक कार्यक्रम आयोजित करेगा। ट्रस्ट के वरिष्ठ ट्रस्टी आर के छिब्बर ने कहा कि ट्रस्ट निरंतर प्रयासरत है कि संस्कृत को शास्त्रों तक सीमित न रखकर व्यावहारिक जीवन में स्थान दिलाया जाए। संवाद