फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jammu News: तूफान ने मचाई तबाही, महिला जख्मी, कच्चा मकान गिरने से तीन मवेशी मरे

विज्ञापन
विज्ञापन
सांबा/पुरमंडल/घगवाल। बीते बुधवार शाम को आए तेज तूफान से जिले भर में भारी तबाही हुई है। इसमें एक महिला जख्मी हो गई। वहीं 200 चूजे मर गए। इसके अलावा बिजली भी प्रभावित रही है।
विज्ञापन

परगवाल में तूफान से एक महिला जख्मी हो गई। वह घर के बाहर सामान उठा रही थी। पहाड़ी पंचायत कारड़ के गांव जटा के रवि सिंह के पोल्ट्री फार्म के शेड के गिर जाने से 200 चूजे मर गए। नड़ के ग्रामीण का कच्चा कुल्ला गिर गया। जिले के सुंब के पटियारी की ज्योति देवी का घरेलू कच्चा कुल्ला गिर गया। उसमें बंधे तीन मवेशी मारे गए। उस समय परिवार के सदस्य किसी के घर पर थे, जो बाल बाल बच गए। ज्योति के अनुसार कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए मकान मिला था। यह अभी पूरा नहीं हो पाया है। वह कच्चे कुल्ले में ही रह रहे हैं। आंधी तूफान से पेड़ और खंभे टूट गए। गाड़ियों और घरों को भी नुकसान पहुंचा है। 24 घंटे बीतने पर बिजली बहाल नहीं हो सकी है। सांबा के चक मंगा रकवाल में तूफान के कारण कई घरों में बने टीन शेड गिर गए। इसके अलावा गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज में कई पेड़ गिरने के कारण कॉलेज चारदीवारी को भी नुकसान पहुंचा है। वहीं वार्ड नंबर 10 में एफसीआई गोदाम के पास बिजली के खंभे और बड़े पेड़ गिरने के कारण मंदिर और राशन गोदाम को भी नुकसान पहुंचा है। खैरी मंडी में तूफान के कारण बरगद का पेड़ गिरने से एक कार क्षतिग्रस्त हो गई। मानसर मार्ग पर नड़ बाजार में एक घर में ऊपर सफेदे का पेड़ गिर गया और इसमें चारदीवारी और गेट टूट गया। तूफान के कारण सांबा में बिजली पिछले 24 घंटे से ठप है और ब्रॉडबैंड सेवाएं भी बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं। जिले के कुछ क्षेत्रों में बिजली सुबह 10 बजे बहाल कर दी गई थी, लेकिन अधिकतर क्षेत्रों में बिजली ठप है। देर शाम तक बिजली की आपूर्ति नहीं हुई थी। वहीं पानी की भी किल्लत बनी रही। जिले के पुरमंडल क्षेत्र में आंधी तूफान से जनजीवन अस्त व्यस्त हो चुका है। लोगों का काफी नुकसान हुआ है।

गेहूं की फसल को पहुंचा नुकसान
गत शाम आए तूफान और बारिश से गेहूं की तैयार फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। किसान राम लाल, गोपाल दास, पृथ्वी सिंह के अनुसार कुदरती आपदा ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। इसको लेकर किसान चिंता में हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें