सांबा। परिसीमन आयोग द्वारा अपनी रिपोर्ट को सार्वजनिक किए जाने से आम लोगों में मायूसी है। जिला में एक विधानसभा सीट की बढ़ोतरी का स्वागत हुआ है, खास कर जिला की सीमावर्ती तहसील राजपुरा के लोगों में आस थी की उन्हें सांबा के साथ ही रखा जाएगा लेकिन ऐसा नही किया गया। उन्हें रामगढ़ की आरक्षित सीट के साथ जोड़ा गया है। चक दुलमा के सरपंच विनय शर्मा, पूर्व सरपंच दर्शन चौधरी आदि ने बताया कि गत बीस वर्ष से वह लोग आरक्षित सीट के साथ ही जुडे़ रहे, अब एक बार फिर से उन्हें आरक्षित सीट ही मिली है। ऐसे में उनके साथ इंसाफ नही किया गया है। जम्मु कठुआ हाईवे पर कटली पंचायत के लोग भी काफी निराश है।
दियानी के सरपंच प्रदीप कुमार के अनुसार कि उनसे पांच किलोमीटर दूर सांबा कस्बा है ऐसे में बीस किलोमीटर दूर रामगढ़ के साथ उन्हें जोड़ा गया है। इससे उनके क्षेत्र के लोग काफी मायूस है। वहीं कालीबड़ी, सदोह, पंगदौर ब बैनगलाड के लोग भी आयोग की रिपोर्ट से नाखुश हैं। रामगढ़ के सामाजिक कार्यकर्ता यशपाल शर्मा का कहना था कि यदि आरक्षित करनी थी तो विजयपुर को करते, रामगढ नई सीट सामान्य वर्ग के लिए रखी जाती तो रमागढ़ के लोग खुश होते। सामाजिक कार्यकर्ता सुमित सिंह सप्पन ने परिसीमन आयोग द्वारा सांबा को सामान्य वर्ग के लिए रखे जाने का स्वागत किया है। उधर विजयुपर के गुड़ा सलाथिया को सांबा के साथ जोडे़ जाने से राजपूत बिरादरी काफी नाराज है। उनके अनुसार कि उन्हें काफी मायूसी ह,ै क्योंकि उन्हें सांबा के साथ जोड़े जाने की कोई तुक ही नही बैठती है। कुल मिलाकर रामगढ़ विधानसभा सीट को आरक्षित करने पर अधिकतर लोग नाराज है।