अखनूर। सरकारी प्राइमरी स्कूल मावा करोरा में शिक्षा विभाग द्वारा दिव्यांग बच्चों के लिए जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। इस अवसर पर ऑल जम्मू-कश्मीर दिव्यांग कल्याण संघ (रजि.) के चेयरमैन सुशील शर्मा मुख्य अतिथि रहे।
कार्यक्रम में जोनल शिक्षा अधिकारी अखनूर, प्रिंसिपल हायर सेकेंडरी स्कूल नरडीवाला और प्रिंसिपल गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल अखनूर ने भी भाग लिया। समग्र शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित इस जागरूकता शिविर में बड़ी संख्या में दिव्यांग बच्चे, उनके अभिभावक और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। विशेष शिक्षकों पवन और स्मृति राजपूत ने दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 (आरपीडब्ल्यूडी 2016) के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पहले दिव्यांगता की केवल सात श्रेणियां थीं, लेकिन अब इन्हें बढ़ाकर इक्कीस कर दिया गया है, जिससे अधिक जरूरतमंद लोग सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।
मुख्य अतिथि सुशील शर्मा ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने हिमोफिलिया से ग्रसित बच्चों और बौने दिव्यांग जनों के लिए जम्मू-कश्मीर में दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया को अखनूर अस्पताल में तीन साल पहले शुरू करवाया था। उन्होंने शिक्षा विभाग से आग्रह किया कि ऐसे जागरूकता शिविर अधिक से अधिक स्कूलों में आयोजित किए जाएं, ताकि सभी दिव्यांग बच्चों को सरकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ मिल सके।
उन्होंने यह भी बताया कि जम्मू के बाल्मीकि चौक स्थित सीआरसी केंद्र पर दिव्यांग बच्चों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाती हैं। यदि किसी दिव्यांग बच्चे को किसी प्रकार की सहायता की आवश्यकता हो, तो वे वहां संपर्क कर सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में जोनल शिक्षा अधिकारी अखनूर ने सुशील शर्मा को सम्मानित किया, वहीं सभी दिव्यांग बच्चों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।