जम्मू यूनिवर्सिटी नेशनल असेसमेंट एंड एक्रीडेशन काउंसिल (नैक) के आधार पर ए-ग्रेड यूनिवर्सिटी है, लेकिन यहां के हॉस्टलों की दशा खराब है। एक ओर बारिश के पानी का निकास नालियों के जाम होने से नहीं हो रहा है।
वहीं, दूसरी ओर हास्टल के रीडिंग रूम में ताला लगा हुआ है, जिससे यहां पर रहने वाले शोध छात्र इसका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। एक शोध छात्र का कहना है कि वह दो साल से यहां पर रहते हैं, लेकिन उन्होंने नेहरू हॉस्टल के रीडिंग रूम को खुला नहीं देखा।
जम्मू यूनिवर्सिटी के परिसर में मौजूद विवेकानंद हास्टल के प्रवेश द्वार पर ही गंदगी का आलम है। इसके भवन के ऊपरी हिस्से और खिड़कियों के शीशे टूटे पड़े हैं। बारिश के पानी की निकासी न होने से जलभराव की स्थिति है।
यहां पर 120 के करीब स्नातकोत्तर कक्षाओं के छात्र हैं। इस हास्टल में रह रहे छात्रों का कहना है कि सफाई के प्रति पूरी जिम्मेदारी निभाने की जरूरत है। नेहरू हॉस्टल में मौजूद कंप्यूटर की भी सुविधा विद्यार्थियों को नहीं मिल पा रही है।
बाथरूम और टायलेट तक की कुंडियां यहां पर टूटी पड़ी हुई हैं। स्कालरों के कई रूम की दीवारें जर्जर हो रही हैं।