अंतरराष्ट्रीय सीमा और एलओसी पर पाकिस्तान की ओर से एकाएक शुरू की गई गोलाबारी को अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के भारत दौरे से भी जोड़ा जा रहा है।
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माना जा रहा है कि गणतंत्र दिवस समारोह में भाग लेने आ रहे अमेरिकी राष्ट्रपति का ध्यान आकर्षित करने के लिए पाकिस्तान ने नई रणनीति बनाई है।
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के डायरेक्टर जनरल डीके पाठक ने स्वीकार किया कि सीमा पर फिर शुरू हुई गोलाबारी के कई कारण हैं और उनमें अमेरिकी राष्ट्रपति का दौरा भी एक हो सकता है।
इसके अलावा खराब मौसम का लाभ उठाने के लिए सीमा पार आतंकी घुसपैठ के लिए तैयार बैठे हैं। पेशावर घटना के बाद पाकिस्तान की सरकार लोगों का ध्यान बांटने के लिए गोलाबारी करवा रही है।
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सीमा पार से घुसपैठ के लिए 3-4 प्रयास
पाकिस्तान 31 दिसंबर से पाक लगातार सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है। पलौड़ा स्थित बीएसएफ हेडक्वार्टर में शहीद देवेंद्र सिंह के शव पर श्रद्धांजलि देने के बाद डीजी पाठक संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे।
पाकिस्तान के साथ सीमा पर बातचीत की संभावनाओं के संबंध में डीजी ने कहा कि अरनिया गोलाबारी के बाद पाक रेंजरों के साथ बैठक हुई थी।
तीन जनवरी को उन्होंने पाक रेंजरों के समक्ष गोलाबारी का विरोध जताय था, लेकिन वे स्वीकार नहीं कर रहे। इसलिए अभी बातचीत की कोई संभावना नहीं है।
सीमा पार लांचिंग पैड पर जमात-उद-दावा प्रमुख हाफिज सईद की गतिविधियों पर उन्होंने स्वीकार किया कि हाफिज द्वारा आतंकियों की पीठ थपथपाने के बाद गोलाबारी में वृद्धि होने से इंकार नहीं किया जा सकता।
हमारे पास भी इस संबंध में इनपुट हैं। उन्होंने कहा कि सीमा पार से घुसपैठ के लिए 3-4 प्रयास हुए हैं, जिन्हें नाकाम कर दिया गया।
'बोलकर नहीं करके दिखाएंगे'
सीमांत क्षेत्रों में रिहायशी इलाके में गोलाबारी से दोनों ओर के नागरिकों को जान-माल के हुए नुकसान को पाठक ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि पाक लगातार फायरिंग की शुरूआत कर रहा है।
हमें अपने क्षेत्र के लोगों और जानमाल की रक्षा करनी है। इसके लिए पाकिस्तान को जवाब तो देना ही होगा। इस संबंध में केंद्र सरकार से मिले आदेशों के संबंध में पूछे जाने पर पाठक ने कहा कि आदेश कर के दिखाएंगे, उसे शब्दों में नहीं बताया जा सकता।
पाक रक्षा मंत्री सरताज अजीज द्वारा गोलाबारी के लिए भारत पर आरोप लगाए जाने पर कोई प्रतिक्रिया व्यक्त करने की बजाए पाठक ने कहा कि हमारा काम सीमा पर शांति बनाए रखना है। जो हम कर रहे हैं।
एक जनवरी के बाद पाक से बातचीत नहीं
सीमा सुरक्षा बल के डायरेक्टर जनरल डीके पाठक ने कहा कि सीमा पर बढ़े तनाव के बाद पाक रेंजरों से अंतिम बार एक जनवरी को बातचीत हुई थी। उसके बाद बीएसएफ ने कई बार प्रोटेस्ट नोट देने का प्रयास किया, लेकिन पाक रेंजरों ने उसे स्वीकार नहीं किया।
जम्मू स्थित बीएसएफ फ्रंटियर हेडक्वार्टर में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान पाठक ने कहा कि भारत सीमा पर शांति का हर प्रयास कर रहा है। लेकिन पाकिस्तान फायरिंग करता है तो उनके जवान चुप बैठने वाले नहीं। डीजी ने कहा, ‘एक जनवरी को हमारे अफसरों ने फ्लैग मीटिंग के लिए बातचीत का अंतिम बार प्रयास हुआ था।
उनके सेक्टर कमांडर और नोडल अफसर ने हमारे नोडल अफसर से पांच बार बातचीत की। उसके बाद कोई बातचीत नहीं हुई।’ डीजी के अनुसार तीन जनवरी को उन्होंने स्थापित तंत्र के मार्फत पाक रेंजरों को प्रोटेस्ट नोट दिया, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार करने से इंकार कर दिया।
उसके बाद वाघा बार्डर (अमृतसर) से प्रोटेस्ट नोट भेजा। लेकिन अब पाकिस्तान वाघा से भी प्रोटेस्ट नोट स्वीकार नहीं कर रहा। इसी कारण चार जनवरी से अब तक पड़ोसी देश के साथ कोई संपर्क नहीं हुआ है।
बीएसएफ के डीजी डीके पाठक ने मंगलवार को सांबा के पंजटीला के बीएसएफ कैंप में पहुंच कर पाक द्वारा की जा रही गोलाबारी से अधिकारियों से जानकारी ली। वहीं कमांडिग अधिकारियों का भी हौसला बढ़ाया।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की ओर से घुसपैठ करवाने के प्रयास किए जा रहे है जिन्हें बल के जबान नाकाम करते आ रहे हैं। वहीं गोली का जवाब हमारे जवान गोली से दे रहे हैं।
बीएसएफ कैंप में उन्होंने सांबा सेक्टर की सीमा पर तैनात बल के कमांडिंग अधिकारियों से भी सलाह मश्विरा कर उन का हौसला बढ़ाया।
इस अवसर पर आईजी राकेश शर्मा, डीआईजी आरके गुरंग के अतिरिक्त तीनों पलटनों के कमांडिंग अधिकारी भी उपस्थित थे।