अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। केंद्र सरकार ने जीएसटी दरों को घटाकर केवल दो स्तर पांच और 18 प्रतिशत करने का बड़ा फैसला लिया है। जम्मू-कश्मीर जैसे प्रदेश में जहां उत्पादन सीमित और उपभोग अधिक है। इसका असर अन्य राज्यों की तुलना में कहीं अधिक होगा। उपभोक्ताओं को रोजमर्रा की चीजें सस्ती मिलेंगी, किसानों को कृषि उपकरण और ट्रैक्टर कम दाम पर मिलेंगे और कारोबारियों को त्योहारों से पहले बिक्री बढ़ने की उम्मीद रहेगी।
इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) की जम्मू-कश्मीर शाखा के अध्यक्ष सीए सौरव परगाल ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था खपत पर आधारित है। इस वजह से कर घटने का लाभ सीधा आम जनता तक पहुंचेगा।
जम्मू-कश्मीर काफी हद तक खेती पर निर्भर है ऐसे में ट्रैक्टर और कृषि उपकरण सस्ते होना किसानों के लिए बड़ी राहत साबित होगा। इसके अलावा डेयरी उत्पाद जैसे घी और मक्खन भी सस्ते होंगे जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। मिडिल क्लास के लिए राहत लेकर आएगी कटौती। सीए सौरव परगाल ने बताया कि इस बदलाव का असर शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र पर भी दिखेगा। स्वास्थ्य और जीवन बीमा पर कर मुक्त होने से इलाज की लागत घटेगी और मध्यम वर्ग को राहत मिलेगी। स्कूल और कॉलेज से जुड़ी कई सेवाएं सस्ती होने से शिक्षा पर होने वाला खर्च भी घटेगा।
परगाल ने कहा कि 1200 सीसी तक की गाड़ियां अब कम दाम में उपलब्ध होंगी, जिससे मिडिल क्लास परिवारों को सीधा फायदा पहुंचेगा। यह फैसला मध्यम वर्ग के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।