कोरोना के दौरान जब स्कूल बंद हैं तो ऑनलाइन पढ़ाई ही इसका विकल्प है। लेकिन इसके बावजूद सरकार बच्चों की सुगम पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे रही है। पिछले वर्ष केंद्र सरकार की तरफ से मंजूरी मिलने और फंड आवंटित होने के बाद भी अब तक डिजिटल स्टूडियो नहीं बन सका। इसका खामियाजा आज भी दूर-दराज क्षेत्रों के बच्चों को उठाना पड़ रहा है।
स्कूली बच्चों के लिए डिजिटल सामग्री और ऑनलाइन लेक्चर देने के लिए जम्मू स्कूल शिक्षा निदेशालय में डिजिटल स्टूडियो बनाया जाना था। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय से फंड भी जारी हो गया, लेकिन चार महीने बाद भी डिजिटल स्टूडियो तैयार नहीं हो पाया है।
बता दें कि स्कूल शिक्षा निदेशालय जम्मू में 76 लाख की लागत से इस स्टूडियो को स्थापित किया जाना है। पिछले वर्ष कोविड के कारण स्कूल बंद थे। ऐसे में बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाना स्कूल शिक्षा विभाग के लिए चुनौती भरा था। इसके बाद विभाग ने केंद्र के समक्ष डिजिटल स्टूडियो बनाने का प्रस्ताव रखा था, जिसे मंजूरी मिल गई थी।
मंजूरी मिलने के बाद समग्र शिक्षा विभाग अब तक इसे तैयार नहीं कर पाया, जबकि वर्तमान समय में स्टूडियो होता तो बच्चों के लिए ऑनलाइन शिक्षा अच्छी और व्यवहारिक होती। कोविड के समय जब स्कूल बंद है तो ऑनलाइन पढ़ाई ही एक मात्र विकल्प है। ऐसे में डिजिटल स्टूडियो हर तरह से उपयोगी साबित होता। समग्र शिक्षा के पूर्व निदेशक अरुण मन्हास ने कहा कि स्टूडियो के लिए पैसा मिल गया था और यह पैसे फरवरी में जारी किया गया था।