उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा ज़िले के गमंदर नगरी गांव में डायरिया की चपेट में आकर 150 से अधिक लोग बीमार पड़ गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता फैल गई है। सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और जांच के साथ इलाज शुरू किया गया।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित लोगों में दस्त, उल्टी, निर्जलीकरण और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं। गांव को स्थानीय न्यू टाइप प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (एंटीपीएचसी) को 24x7 आपातकालीन सुविधा में बदल दिया गया है। इसके अलावा चिकित्सा और जल शक्ति विभाग की टीमों को तुरंत गांव में तैनात किया गया और जांच के लिए पानी के नमूने एकत्र किए गए, जिनकी प्रयोगशाला रिपोर्ट का इंतज़ार है।
स्थानीय लोगों के अनुसार गांव के लोग झरना और हाल ही में खोदे गए कुआं से पानी पीते हैें। लोगों ने आशंका जताई कि दूषित पानी इसके लिए जिम्मेदार हो सकता है लेकिन अधिकारियों को अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि बीमारी कैसे आई। डॉक्टरों ने स्थिति नियंत्रण में बताते हुए शांति बनाए रखने की सलाह दी है। एक डॉक्टर ने कहा, घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है। ज्यादातर मरीज़ स्थिर हैं और समय पर इलाज से ठीक हो रहे हैं।
डिप्टी सीएमओ अशरफ अहमद ने कहा, गांव में हमारी टीमें तैनात हैं। मरीज़ों के सैंपल लिए गए हैं साथ ही जल स्रोत के भी। शुक्रवार को करीब 58 मरीज़ों का इलाज किया गया जिसमें 20 को भर्ती करना पड़ा। लोगों को सलाह दी गई है कि केवल वाटर सप्लाई का पानी इस्तेमाल करें वह भी उबालकर। रात में भी डॉक्टर उपलब्ध रहेंगे और साथ ही एम्बुलेंस भी आपात स्थिति के लिए रखी है।
हालांकि स्थानीय लोगों ने अधिकारियों की लापरवाही को लेकर नाराज़गी जताई। उनका आरोप है कि कुएं से आने वाले पानी की आपूर्ति की पहले कभी जांच नहीं की गई। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से स्वच्छ, फ़िल्टर किए गए पेयजल की तत्काल आपूर्ति करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की अपील की है।
गांव में स्वास्थ्य टीमें तैनात हैं। मरीज़ों के सैंपल लिए गए हैं साथ ही जल स्रोत के भी। लोगों को सलाह दी गई है कि केवल वाटर सप्लाई का पानी इस्तेमाल करें वह भी उबालकर। - अशरफ अहमद, डिप्टी सीएमओ