रियासत में बरसात की दस्तक के साथ डायरिया की दस्तक होने लगी है। जम्मू संभाग के कई ग्रामीण क्षेत्रों के बाद शहरी इलाकों में भी डायरिया के मामले बढ़ने लगे हैं। शहरी अस्पतालों में डायरिया और डिसेंट्री से पीड़ितों की संख्या बढ़ी है। दूषित पानी के कारण पेट संबंधी बीमारियों में इजाफा हुआ है।
इसमें बच्चे ज्यादा चपेट में आ रहे हैं। ऐसी परिस्थितियों में दूरवर्ती इलाकों में विशेषज्ञ डाक्टरों की कमी लोगों की सेहत और ढीली कर रही है। जीएमसी के अधीक्षक डा. रविंद्र रतनपाल के अनुसार बरसात में पीने के पानी के लिए प्राकृतिक जल स्रोतों पर निर्भर ग्रामीण क्षेत्रों में डायरिया की शिकायत ज्यादा रहती है।
इसमें पीड़ित को दस्त और उल्टी या दोनों में से एक की समस्या रहने पर हालत अचानक खराब हो जाती है। अस्पताल की इमरजेंसी में ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा शहरों से भी ऐसे मामले पहुंच रहे हैं। इसमें दूषित पानी मुख्य कारण है। शहर में टूटे पाइपों और ग्रामीण क्षेत्रों में प्राकृतिक जल स्रोतों के किन्हीं कारणों के खराब होने से डायरिया की समस्या आती है।