नेकां प्रधान एवं पूर्व मुख्यमंत्री डा. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि घाटी में राजनीतिक नेताओं द्वारा अलगाववादियों से अनाधिकारिक तौर की बातचीत से उम्मीद बंधी है। कश्मीर मसले के हल के लिए सभी पक्षों को सुनने की जरूरत है।
उन्होंने उम्मीद जताई की कि अलगाववादियों के कई राजनीतिक नेताओं से बातचीत को केंद्र सरकार सकारात्मक रूप से देखकर जल्द वार्ता का सिलसिला शुरू करना चाहिए। उन्होंने गत दिनों घाटी में आए शिष्टमंडल की अलगाववादियों से वार्ता को शुभ संकेत माना।
श्रीनगर के पार्टी हेडक्वार्टर में कार्यकर्ताओं से रूबरू होते हुए डा. फारूक ने कहा कि बातचीत में हुर्रियत को शामिल करने की अनदेखी नहीं करनी चाहिए। बातचीत से ही सभी मसलों को सुलझाया जा सकता है। कश्मीर में खराब हालात को सामान्य बनाने के लिए सभी हितधारकों को साथ लेकर चलने की जरूरत है।