जितेंद्र सिंह से बातचीत करते डीजीपी
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राज्य पुलिस महा निदेशक एस पी वैद ने बुधवार को दिल्ली में केंद्रीय मंत्री डा जितेंदर सिंह मुलाकात की। उन्हें कश्मीर के हालातों की जानकारी दी। कश्मीर में मारे गए तीन युवकों की मौत के बाद पैदा हुए हालातों को लेकर दोनों में बातचीत हुई।
वैद ने मंत्री को बताया कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई कश्मीर के निर्दोष युवकों को अपने घरों से बाहर निकलने के लिए उकसा रही है। उन्हें आतंकियों के साथ होनी वाली मुठभेड़ स्थलों पर जाने को मजबूर किया जा रहा है। यही नहीं, मुठभेड़ शुरू होने से पहले पाकिस्तानी प्रोपगंडा के कुछ मैसेज रिकार्ड किए गए।
सूत्रों की मानें तो पाकिस्तान से कुछ युवकों के व्हाटसएप ग्रुप पर संदेश भेजकर मुठभेड़ स्थल पर जाने के लिए कहा गया। डा जितेंदर सिंह ने कहा कि लोगों और प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि ऐसे लोगों को समझें। कश्मीर केंद्रित राजनीतिज्ञों से बचने की जरूरत है। ऐसे लोगों के अपने बच्चे तो सुरक्षित होते हैं, जिन्हें वो विदेश में भेज देते हैं। लेकिन दूसरों के बच्चों को आगे कर देते हैं।
कश्मीर युवाओं को मांग करनी चाहिए कि यदि यह जेहाद है तो इसके लिए हर कश्मीरी अलगाववादी पहले अपने बच्चों को पत्थरबाज बनाकर मुठभेड़ स्थलों पर भेजें। सिंह ने यह भी कहा कि हमारी फोर्स विश्व की सबसे बेहतरीन फोर्स है। कुछ भी होने की शर्त पर हमारी फोर्स का हौसला पस्त नहीं होगा।
पत्थरबाजी को लेकर सिंह ने अलगाववादियों को भी खरी खोटी सुनाई। पूर्व मुख्यमंत्री रहे फारूक अब्दुल्ला पर भी तंज कसते हुए कहा कि यदि उन्हें कल मंत्री बना दिया जाए तो वह अलगाववाद की बोली छोड़ राष्ट्रवाद की बोली बोलेंगे।