जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने बुधवार को दोहराया कि घाटी में जनजीवन सामान्य स्थिति की ओर लौट रहा है और लोग अपना कामकाज कर रहे हैं। स्कूल और कार्यालय खुलने लगे हैं।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान घाटी में लगाए गए प्रतिबंधों को हटाने के सवाल पर डीजीपी ने कहा कि राज्य में लोग कानून-व्यवस्था तथा शांति बनाए रखने में बहुत सहयोग कर रहे हैं। हम प्रतिबंधों में अधिक छूट देने पर विचार कर रहे हैं क्योंकि लोगों का रुख बहुत सहयोगी रहा है।
डीजीपी ने कहा कि घाटी में पथराव की ज्यादातर जगहों पर बहुत मामूली घटनाएं हुई हैं। मंगलवार तक पत्थरबाजी की 184 घटनाएं हुई हैं। ज्यादातर जगहों पर सुरक्षा बलों ने संयम बरता है। इस वजह से जानी नुकसान कम हुआ है। केवल एक घटना में घायल हुए पत्थरबाज की बाद में मौत हो गई थी। इन सभी घटनाओं में केवल आधा दर्जन स्थानों पर भारी हिंसा की सूचना है।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी एजेंसियों की ओर से सोशल मीडिया के जरिये दुष्प्रचार किया जा रहा है। प्रतिबंध इसी वजह से है। हम दोनों तरफ से संवेदनशील हैं कि लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन हम जानी नुकसान तथा कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने नहीं देना चाहते। जम्मू तथा कश्मीर के दो जिलों में मोबाइल सेवा बहाल कर दी गई है। सुरक्षा मामलों से समझौता किए बगैर हम मोबाइल पर प्रतिबंध में ढील देने पर विचार कर रहे हैं।