शहर में कई जगह मंदिरों के रास्तों के संकेतक तक नहीं हैं। जम्मू से सटे सांबा में परमंडल और उत्तर-वाहिनी है तो पश्चिम में अखनूर के जियापोता घाट का ऐतिहासिक स्थल। लेकिन इन धार्मिक स्थलों-मंदिरों को जोड़ने के लिए तमाम दावों के बावजूद धार्मिक टूरिस्ट सर्किट नहीं बन सका है। शहर के कारोबारियों का कहना है कि बुनियादी सुविधाओं और ऐतिहासिक मंदिरों के प्रचार प्रसार से क्षेत्र में कारोबार को नए पंख लग सकते हैं।
प्राचीन जामवंत गुफा के नाम से प्रसिद्ध पीरखो में श्रद्धालु आते तो हैं, लेकिन उनकी संख्या गिनती की होती है। लेकिन जो भी यहां पहुंचता है, वो इसका इतिहास और गुफा को जानकर रोमांचित हो उठता है। मान्यता है कि रामायण काल में जामवंत ने इसी गुफा में ध्यान लगाया था। वहीं, राजा बीरम देव के शासनकाल में (1454-1495) गुरु गोरखनाथ से संबंधित जोगी गुरू गरीब नाथ यहां आकर रहे थे। स्थानीय बोली में इसका नाम पीरखो हो गया।