इस्राइल के साथ इन मिसाइलों की डील भारत द्वारा पाकिस्तान के बालाकोट में की गई एयर स्ट्राइक से भी जुड़ी है। जब 26 फरवरी को भारतीय मिराज 2000 लड़ाकू विमानों ने पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मुहम्मद के ट्रेनिंग कैंपों को तबाह किया। उसके बाद ही भारत ने इन मिसाइलों की खरीदारी की प्रक्रिया शुरू की। इसके पहले भारत उस मिसाइल का इंतजार कर रहा था जो रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) तैयार कर रहा है।
- स्पाइक एक एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल (ATGM) है, जो काफी ताकतवर हथियार के रूप में भारतीय थल सेना में शामिल हुई है।
- यह अपने वार से दुश्मन के टैंक को ध्वस्त कर सकती है।
- सूत्रों के अनुसार, इस्राइल से स्पाइक मिसाइलों का पहला जत्था करीब 10 दिन पहले ही भारत पहुंच चुका है।
- इसमें 210 स्पाइक मिसाइलों के साथ-साथ दर्जनों लॉन्चर्स भी भारतीय सेना में शामिल किए गए हैं।
- इस स्पाइक मिसाइल की क्षमता चार किलोमीटर दूरी तक वार करने की है।
- इसे 30 सेकेंड में लॉन्च किया जा सकता है। जबकि रीलॉन्च के लिए यह मिसाइल महज 15 सेकेंड में तैयार हो सकती है।
- यह मिसाइल रात के अंधेरे में भी दुश्मन को पहचान कर सही वार कर सकती है।
- भारत ने करीब 280 करोड़ रुपये में इस्राइल से ये मिसाइलें खरीदी हैं।