इमारत के एक हिस्से को बनाकर पहले नई दुकानों की मांग कर रहे दुकानदार
महीनों से बंद पड़ा इमारत का निर्माण कार्य, मामला अदालत में विचाराधीन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिश्नाह। नगरपालिका के नए भवन को बनाने का कार्य अब अधर में लटकता नजर आ रहा है। क्योंकि, नई इमारत बनाने के लिए पुरानी इमारत के एक हिस्से को ढहा दिया गया है, लेकिन दूसरे हिस्से में बैठे दुकानदार दुकानों को खाली ही नहीं कर रहे। इनकी वजह से काम रुका हुआ है।
बिश्नाह नगरपालिका की पुरानी इमारत बहुत जर्जर हो चुकी था, जहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता था। इसको देखते हुए प्रशासन ने 4 करोड़ 95 लाख रुपये की लागत से नया सुविधायुक्त तीन मंजिला भवन बनाने का कार्य शुरू कराया। इसके तहत नगरपालिका कार्यालय की पुरानी इमारत को ध्वस्त कर दिया गया और कार्यालय बीडीओ दफ्तर की एक इमारत में स्थानांतरित किया गया। लेकिन, अब नपा के नए भवन को बनाने का कार्य अधर में लटक गया है। क्योंकि, नपा के पुराने भवन के साथ मुख्य सड़क पर नपा की चार दुकानों को दुकानदारों ने खाली करने से मना कर दिया है। ये चारों आवंटी दुकानदार हैं, और सालों से यहां दुकानें कर रहे हैं।
दुकानदारों ने बताया कि वे दुकानें ही उनकी कमाई का साधन हैं। अगर उन्हें दुकानें खाली करने के लिए मजबूर किया जाता है तो उनके परिवारों के लिए रोजी रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। प्रशासन से अपील है कि उनसे यह सहारा न छीना जाए। साथ ही उन्होंने मांग की कि नपा भवन को दो फेस में बनाया जाए। पहले फेस में दुकानें तैयार कर दुकानदारों को उनमें पक्के तौर पर स्थानांतरित किया जाए। नई दुकानों के उनसे पैसे भी न लिए जाएं, क्योंकि वे पहले से ही स्थायी आवंटी हैं। नपा उनसे दुकानों का किराया लेने के बाद भी मुफ्तखोरी का आरोप लगा रही है। फिलहाल नगरपालिका और चारों दुकानदारों का मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है।
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चारों दुकानदारों को जानकारी दी गई थी कि उन्हें नगरपालिका के नए भवन में दुकानें दी जाएंगी। इसके लिए उन्हें दुकानें तैयार करने का जो खर्च आएगा, सिर्फ वही देना पड़ेगा।
- रंगीता शर्मा, ईओ, नगरपालिका