- सीमावर्ती ब्लाॅक मंजाकोट में रोड कनेक्टिविटी से स्थानीय लोग खुश
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। ब्लॉक मंजाकोट में आजादी के बाद पहली बार रोड कनेक्टिविटी और पुल बनने से बुनियादी ढांचा बेहतर हुआ है। कई सरकारी योजनाओं से एलओसी से सटेे इलाकों में विकास तेज हुआ है। इससे स्थानीय लोगों के लिए डगर आसान हुई है।
हाईवे 144ए अपग्रेडेशन प्रोजेक्ट से राजोेरी-पुंछ के बीच फोरलेन ने सीमावर्ती गांवों तक पहुंच आसान कर दी है। मंजाकोट से राजोेरी तक का हिस्सा 15 किलोमीटर लंबा है और हाल में इसका काम पूरा हुआ है। इससे उन ग्रामीणों को मदद मिलती है जो सीमा पर अस्थिर हालत के कारण लगातार अलर्ट पर रहते हैं। प्रोजेक्ट पैकेज-6 बॉर्डर एरिया कनेक्टिविटी से मंजाकोट के पास कलकर से धारी धारा इलाके को कवर करता है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जेसे प्रोजेक्ट, पीडब्लूडी व नाबार्ड के साथ मिलकर दूरदराज के गांवों के पास इन सड़कों और पुलों के तेजी से विकास में मदद कर रहे हैं।
स्थानीय नंबरदार मोहम्मद जावेद ने बताया कि इलाके की हालत पहले बहुत खराब थी। बच्चे बारिश में स्कूल नहीं जा पाते थे। अब उन्हें स्कूल ले जाने के लिए घरद्वार वाहन पहुंच रहा है। ऑपरेशन सिंदूर और अन्य वजहों से प्रोजेक्ट में थोड़ी देरी हुई फिर भी सड़क जल्द बन गई। इससे कारोबार के रास्ते भी खुलेंगे। बीमार नागरिकों को अस्पताल पहुंचाने में आसानी हो रही है। बीते आठ दिसंबर को बाॅर्डर रोड्स ऑर्गेनाइजेशन ने राजोेरी में भवानी सेतु पुल का उद्घाटन किया है। इससे तीन पंचायतों भवानी, क्सल्सिया और झांगड़ के लिए आने-जाने का समय कम हुआ है।
कड़ी निगरानी में काम की
गुणवत्ता परखी जा रही
साइट इंचार्ज सद्दाम हुसैन के अनुसार कई स्थानीय लोगों ने सड़क कनेक्टिविटी और सरकार की ओर से 2023 में शुरू हुए प्रोजेक्ट के जल्द पूरा होने पर खुशी जताई है। प्रोजेक्ट के लिए 3.02 करोड़ रुपये मिले हैं। रोज कड़ी निगरानी से काम की गुणवत्ता परखी जा रही है।