- 120 थैफ्ट प्रूफ राइफल रैक, 50 डीच सर्च माइन डिटेक्टर, 22 बिस्फोटक डिटेक्टर भी लाए जाएंगे
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर पुलिस अपने सुरक्षा तंत्र को और मजबूत करेगी। इस क्रम में पुलिस 10 नई जगहों पर अंडर व्हीकल सर्विलांस सिस्टम (यूवीएसएस) स्थापित करेगी। मौजूदा समय में 35 जगहों पर ये काम कर रहे हैं। इस सिस्टम में ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (स्वचालित नंबर प्लेट पहचान) कैमरे भी एकीकृत किए जाएंगे। सिस्टम के माध्यम से वाहनों में रखे गए हथियार, गोला बारूद जैसे प्रतिबंधित सामान की पहचान करने में मदद मिलेगी। पुलिस ने इसकी खरीद के लिए ऑर्डर दे दिया है।
इसके अलावा पुलिस ने 50 डीच सर्च माइन डिटेक्टर, 22 बिस्फोटक डिटेक्टर, 40 सेमी टैक्टिकल बुलेट प्रूफ छोटे वाहन, 120 थैफ्ट प्रूफ राइफल रैक भी खरीदे जाएंगे। एआईजी प्रोक्यूरमेंट पुलिस मुख्यालय विनय कुमार की तरफ से इसे लेकर ऑर्डर निकाला गया है। एआईजी का कहना है कि निजी कंपनियों को इसके लिए आमंत्रित किया गया है। संभव है कि जल्द ही यह सामान मिलेगा, जिससे सुरक्षा तंत्र मजबूत होगा।
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कैसे काम करता है यूवीएसएस
यूवीएसएस प्रणाली वाहन के निचले हिस्से की तस्वीरें खींचती है। इनका वास्तविक समय में विश्लेषण किया जा सकता है या बाद में समीक्षा के लिए संग्रहीत किया जा सकता है। इसे संवेदनशील क्षेत्रों के प्रवेशद्वार, चेक पोस्ट समेत विभिन्न स्थानों पर स्थापित किया जा सकता है। इसकी मदद से किसी वाहन में छिपाकर रखा गया बिस्फोटक, हथियार का पता लगाया जा सकता है। इसमें लगाए गए कैमरे वाहन को स्कैन कर उसकी तस्वीर ले लेते हैं। इसमें एकीकृत कैमरों की मदद से वाहनों की नंबर प्लेट भी जांची जा सकती है।
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2019 में दिल्ली पुलिस ने किया इस्तेमाल
बता दें कि इस सिस्टम को सबसे पहले वर्ष 2019 में दिल्ली पुलिस ने इस्तेमाल किया। इसके बाद गृह मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर पुलिस को भी इसका इस्तेमाल करने के लिए कहा। दो वर्ष पहले ही पुलिस ने इस सिस्टम को जम्मू-कश्मीर के 35 स्थानों पर स्थापित किया है। इनमें कई संवेदनशील स्थान शामिल हैं।