- जम्मू एयरपोर्ट पर बढ़कर 26 हुई उड़ानों की संख्या, रोज सफर कर रहे 3,500 यात्री
- हमले से पहले 36 उड़ानों में प्रतिदिन 5,500 यात्री कर रहे थे आवागमन
- मुंबई, बंगलुरू व हैदराबाद को जम्मू से सीधी उड़ान, दिल्ली में विमान बदलने का झंझट नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। हवाई यात्रा पर पहलगाम आतंकी हमले का असर अब टूट रहा है। जम्मू एयरपोर्ट में उड़ानों की संख्या बढ़कर 26 हो गई है। रोज 3,500 से ज्यादा यात्री आवागमन कर रहे हैं। यात्रियों की संख्या में 65 फीसदी तक की भरपाई हुई है। पहलगाम हमले से पहले 36 उड़ानें नियमित थीं और 5,500 से ज्यादा यात्री आवागमन कर रहे थे। अब इस असर से यात्री धीरे-धीरे बाहर आ रहे हैं। पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद अब जम्मू एयरपोर्ट से मुंबई, बंगलुरू और हैदराबाद की उड़ानों को फिर से जोड़ दिया गया है। इन शहरों के लिए यात्रियों को अब दिल्ली में जहाज बदलने की आवश्यकता नहीं रही है।
जल्द शुरू होंगी लखनऊ और वाराणसी की उड़ानें
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया जम्मू से उत्तर प्रदेश के दो बड़े शहरों को उड़ानें शुरू करने की तैयारी में है। इन दोनों शहरों को जोड़ने के लिए कागजी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। मंजूरी मिलते ही उड़ानें शुरू हो जाएंगी। खास बात यह है कि जम्मू एयरपोर्ट से अब रात को भी उड़ानें संभव हो पा रही हैं। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने रात को नौ से 12 बजे तक हवाई जहाज के उतरने के प्रबंध पूरे कर लिए हैं।
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अब रात्रि उड़ानें भी संभव : निदेशक
जम्मू एयरपोर्ट के निदेशक संजीव कुमार गर्ग का कहना है कि एयरपोर्ट को आधुनिक बनाने पर काम हुआ है। अब यहां रात्रि उड़ानें भी संभव हैं। नए शहरों को जम्मू के साथ जोड़ा गया है। आगामी दिनों में वाराणसी और लखनऊ से भी सीधी उड़ानें जम्मू-कश्मीर के लिए शुरू हो जाएंगी। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट का रनवे 1300 फुट बढ़ाया गया है। नए एयरपोर्ट का निर्माण 2026 में पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट को लेकर चल रहा जमीन का विवाद हल कर लिया गया है। अमरनाथ यात्रा पर केंद्र सरकार के पत्र और यात्रियों की संख्या बढ़ने का इंतजार किया जा रहा है।