-पूंजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता में केंद्र ने किया 1200 करोड़ का प्रावधान
- मुख्य सचिव ने ली उच्चस्तरीय बैठक, केंद्रीय योजना पर रूपरेखा तैयार
- अधिकारियों को चालू वित्त वर्ष में पूरी होने वाली योजनाओं की पहचान करने के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। अब प्रदेश 50 साल के लिए ब्याजमुक्त ऋण ले सकेगा। केंद्र सरकार ने पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता (एसएएससीआई) पर हामी भरी है। इस योजना को प्रदेश में इसी साल से लागू किया गया है। प्रदेश में ज्यादातर विकास कार्य अब एसएएससीआई के आधार पर पूरे होंगे। जम्मू-कश्मीर इस योजना के माध्यम से 1200 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण ले सकता है। केंद्र की तरफ से प्रदेश को तोहफे मिलने का सिलसिला लगातार जारी है। प्रधानमंत्री के कटड़ा दौरे से अब तक चार बड़ी परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार हामी भर चुकी है। कटड़ा-श्रीनगर रेलवे परियाेजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के बाद अब एसएएससीआई पर काम शुरू होने वाला है।
प्रदेश सरकार इस योजना से धन हासिल करने के लिए परियोजना तैयार कर केंद्र को भेजेगा और केंद्र सरकार बिना ब्याज के प्रदेश को ऋण की मंजूरी देगी। इस बारे में मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने शुक्रवार को श्रीनगर में एक उच्चस्तरीय बैठक ली है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने 2021-22 में राज्यों के लिए योजना शुरू की थी। इसी वर्ष से जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में लागू की गई है। उन्होंने कहा कि इससे दस चिन्हित क्षेत्रों में विकास संभव होगा।
मुख्य सचिव ने कहा कि इससे जम्मू-कश्मीर को पारदर्शिता के साथ पुनर्निर्माण का मौका मिलेगा। उन्होंने विभागों को एक मिशन-मोड दृष्टिकोण अपनाने और केंद्र सरकार से आवश्यक अनुमोदन प्राप्त करने के लिए वित्त विभाग को अपने प्रस्ताव प्रस्तुत करने का निर्देश दिए हैं।उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे चालू वित्त वर्ष के भीतर पूरी की जा सकने वाली चल रही और समयबद्ध परियोजनाओं की तुरंत पहचान करें।
मुख्य सचिव ने विशेष रूप से खनन, शहरी विकास और परिवहन को फोकस क्षेत्रों के रूप में बताया। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में न केवल अपार क्षमता है बल्कि इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में पाए जाने वाले महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के अंतराल को पाटने के लिए तत्काल पूंजी निवेश की भी आवश्यकता है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि सभी 122 केंद्र प्रायोजित योजनाओं (सीएसएस) को वित्त मंत्रालय निर्धारित समय सीमा के साथ नवंबर तक एकल नोडल एजेंसी में स्थानांतरित किया जाए। प्रमुख वित्त सचिव संतोष डी वैद्य ने कहा कि ब्लू-ग्रीन शहरी बुनियादी ढांचे पर 15 हजार करोड़ बैठक में बताया गया कि किफायती आवास, व्यापक गतिशीलता और ब्लू-ग्रीन शहरी बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए 15 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। जो जम्मू और श्रीनगर जैसे उभरते शहरों के विकास में सहायक होंगे।