खेल मैदानों का विकास, स्कूलों में सिंथेटिक कोर्ट व अन्य सुविधाओं का होगा विस्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की ओर से शुक्रवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में सांबा जिले के लिए खेल ढांचे के विकास के लिए 2.57 करोड़ की राशी जारी की है। इससे खेल मैदानों का विकास, हाई स्कूल में सिंथेटिक कोर्ट, स्टेडियम और अन्य सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। यह पहल स्थानीय युवाओं को खेल सुविधा और प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए की गई है। इसके साथ ही सीमावर्ती इलाकों को नई एंबुलेंस देने की भी घोषणा की गई है।
पूर्व खिलाड़ी वरिंद्र सिंह के अनुसार जिले में खेल ढांचे को दुरुस्त करने के लिए बजट में दी गई राशि से युवाओं को राहत मिलेगी। आज भी कई खेल मैदानों की हालत खस्ता है। इस राशि से खेल ढांचा संवरेगा। स्थानीय युवा विकास, रिषु, नरेश, विक्रम ने बताया कि खेल ढांचे में सुधार होने से युवाओं को राहत मिलेगी। वे अपनी प्रतिभा को निखार सकें गे। स्कूलों में भी खेल मैदान खस्ताहाल हैं। बजट में सांबा के लिए रखे गए फंड से स्कूली छात्रों काे भी अच्छे खेल मैदान मिलने से लाभ मिलेगा।
प्रदेश सरकार के बजट में स्वास्थ्य-सेवाओं के विस्तार के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में नई एंबुलेंस देने का लोगों ने स्वागत किया है। जिले के सीमावर्ती क्षेत्र बैनगलाड़ के कमलजीत चौधरी, जगदीश कुमार के अनुसार उनके गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में एंबुलेंस पुरानी है। कई बार मांग की गई है कि पीएचसी में नई एंबुलेंस लगाई जाए। अब सरकार की ओर से सीमावर्ती क्षेत्रों को नई एंबुलेंस दिए जाने की घोषणा से सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को राहत मिलेगी।
जिला अस्पताल का दर्जा तो
मिला पर सुविधाएं नाकाफी
स्थानीय निवासी विनोद कुमार, मनोज कुमार के अनुसार स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रदेश सरकार का ध्यान सांबा की ओर नहीं गया है। जिला अस्पताल को दर्जा तो मिला लेकिन डॉक्टरों और स्टाफ जिला अस्पताल का नही दिया गया जिस से आम लोगों को कई प्रकार की समस्याएं बनी रहती हैं। इस बजट में सरकार को जिला अस्पताल बारे भी ध्यान देना चाहिए था।
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मानदेय बढ़ाने के प्रावधान से
आशा वर्करों के चेहरे खिले
आशा वर्कर रानी देवी, संतोष कुमारी, नेशी देवी, रत्नो के अनुसार उनके मानदेय के लिए बजट में फंड रखे जाने से राहत मिली है। उन्हें अच्छा मानदेय दिया जाएगा। इससे वे अपने परिवार को अच्छे से चला सकेंगी। उन्होंने कहा की अरसे से काफी कम मानदेय से ही गुजारा करती आ रही हैं जबकी काम कई गुना अधिक करना पड़ता है।
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सीमावर्ती क्षेत्रों को भी ई-बस
सुविधा मिलने की जगी उम्मीद
पूर्व सरपंच दर्शन चौधरी, पूर्व सरपंच भारत इंदु शर्मा, विनय शर्मा ने कहा कि जम्मूृ-कश्मीर सरकार ने परिवहन और बुनियादी ढांचे के लिए बजट में 200 नई ई-बसें चलाने का निर्णय लिया है। इससे उनके क्षेत्र में भी सरकारी ई-बसें लगाए जाने की उम्मीद जगी है। उन्होंने इस बारे में काफी समय से मांग की थी। अब उन्हें भी आस जगी है कि रामगढ़, राजपुरा, शेरपुर आदि सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए भी ई-बसें मिलेंगी। बेरोजगार युवा नरेंद्र सिंह, विकास शर्मा, राजेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार ने बेरोजगारों को करीब 23,000 सरकारी नौकरियां देने का ऐलान किया है। इससे बेरोजगार युवाओं को कुछ राहत मिली है जो रोजगार की तलाश में हैं।