आफत बनकर बरसी बारिश ने सांबा में दर्जनों लोगों को अपने घरों से पलायन करने को मजबूर कर दिया। सांबा के वार्ड नंबर चार में नगर परिषद के सामुदायिक भवन सहित अन्य स्थानों पर सैकड़ों लोगों को शरण लेनी पड़ी।
लगभग दर्जनों परिवारों की 150 महिलाएं, बच्चे और बुज़ुर्गों को अस्थायी शिविरों में रुके हुए है। घरों में जलभराव और मकानों को क्षति पहुंचने के कारण यह लोग प्रशासन द्वारा तैयार किए गए अस्थायी शिविरों में रहने को विवश हैं।
सुनीता देवी ने कहा कि उनके घर में पिछले तीन दिनों से कमर से ऊपर पानी जमा हो चुका है। घर में रखा राशन, कपडे और जरुरी सामान पानी में बह गया। मजबूर होकर बच्चों के साथ तीन दिनों से अस्थायी शिविरों रुके हुए हैं। ख़ुशी देवी ने कहा भारी क्षति पहुंची है।
बताया कि घरों में रुकना नामुमकिन है। सरकार से अपील है बारिश से हुए सामान और घरों की क्षतिपूर्ति के लिए मुआवजा दिया जाए। अस्थायी शिविरों में ठहरे लोगों के लिए प्रशासन किए इंतजाम : नगर परिषद सामुदायिक भवन में ठहरे लोगों के लिए रहने के लिए बिस्तर, भोजन और स्वास्थ्य सुविधा के लिए पर्याप्त इंतेज़ाम किए गए है। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी जोधराज भगत ने कहा कि सभी शिविरों में रुके लोगों को लिए बिस्तर-कंबल, तीन समय का भोजन और स्वास्थ्य परीक्षण के लिए डॉक्टर तैनात किए गए है। जिला प्रशासन और नगर परिषद की तरफ से विस्थापित हुए लोगों की सभी सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।