जम्मू। शहर में सुबह बारिश आफत बनकर बरसी। पिछले वर्षों की तरह इस बार भी नाले कहर ढाह गए। निकासी के उचित प्रबंध न होने के चलते सड़कें और गलियां तालाब में बदल गईं। लोगों के घरों में पानी घुस गया। गाडीगढ़ में पुल ध्वस्त हो गया। जवाहर नगर में दीवार गिर गई। बाहु फोर्ट स्थित कालिका कॉलोनी में नाला ओवरफ्लो होने से किनारे बने 10 कच्चे घर बह गए। जानी नुकसान तो नहीं हुआ, लेकिन कई परिवार बेघर हो गए। नाले के साथ सटे एक घर को भी नुकसान पहुंचा है। यहां दुकानों किनारे बनाया डंगा भी धराशाही हो गया। यहां पार्क किए वाहन मलबे में दब गए। भूस्खलन से वर्कशॉप में खड़ी पांच कारें भी क्षतिग्रस्त हो गईं। यही हाल नानक नगर में हुआ। यहां भी नाले लोगों के लिए मुसीबत बन गए। ओवरफ्लो होने के चलते गंदगी लोगों के घरों में घुस गई। घरों में पानी घुसने से लोगों का कीमती सामान खराब हो गया। यहां सड़कों पर तीन से चार फुट पानी भर गया। यहां तक कि दफ्तरों में भी पानी घुस गया। आंबेडकर रोड और गंग्याल इलाके में दो दो फुट पानी भर गया। दुधाधारी इलाके में सड़क पर हुए जलभराव में दो स्कूटियां बह गईं।
कालिका कॉलोनी के निवासी रमेश, अशोक ने बताया कि रात को डंगे पर वाहन पार्क किए थे। तड़के हुई बारिश से डंगा ढह गया और उनके वाहन मलबे में दब गए। उन्होंने आरोप लगाया कि डंगे में सीमेट और सरिया नहीं डाला गया था, जिससे यह धराशाही हुआ। इससे उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
गाडीगढ़ में पुल का कुछ हिस्सा धराशाही होने से लोगों में काफी गुस्सा है। प्रकाश शर्मा और अनूप ने बताया कि प्रशासन ने काम तो करवाया मगर सरिया नहीं डाला। इसीलिए पुल क्षतिग्रस्त हो गया। इस दौरान यातायात भी बाधित रहा। यहां ट्यूबवेल के आसपास भी पांच से छह फुट पानी एकत्रित हो गया। इसके अलावा हेल्थ केयर सेंटर परिसर भी जलमग्न रहा। जीवन नगर में दीवार गिर गई।
इसी तरह गांधी नगर, त्रिकुटा नगर, सतवारी, कुंजवानी, पनामा चौक, ज्यूल चौक, केनाल रोड, राजेंद्र नगर, पूर्ण नगर, भगवती नगर, तालाब तिल्लो समेत कई इलाकों में जलभराव रहा। इस घंटों वाहनों की आवाजाही बाधित रही। यहां दो से चार फुट तक सड़कों पर पानी भरा रहा। पानी में खड़े रहने से लोगों के वाहन भी खराब हो गए। वाहन चालक रोशन, जगदीश और प्रेम ने बताया कि वाहनों के इंजन में पानी चला गया है। कनाल रोड की दुकानों में पानी घुसने से सामान खराब हो गया है। किशना नगर और बख्शी नगर में भी गलियां जलमग्न रहीं।
बारिश थमने के बाद कई जगह लगा जाम
बारिश थमने के बाद फ्लाईओवर समेत कई जगह लंबा जाम लग गया। घंटों इंतजार के बाद ही वाहनों की आवाजाही हुई। अचानक से एक साथ वाहनों के सड़कों पर आने से ये परेशानी खड़ी हुई।
सड़कों से उखड़ी तारकोल, निर्माण पर उठे सवाल
यूनिवर्सिटी रोड, गुज्जर नगर रोड समेत कई सड़कों में हाल ही में तारकोल डाला गया था मगर बारिश से तारकोल उखड़ गई है। सड़कों में फिर से गड्ढे हो गए। सड़कों के निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए थे। तारकोल उखड़ने के बाद इनके निर्माण पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
101, 102, 100 नंबर नहीं उठे
शहर में बारिश का कहर शुरू हुआ तो लोगों ने मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर 101, 102 और 100 नंबरों पर संपर्क किया मगर किसी ने फोन नहीं उठाया। मुसीबत में लोगों को इमरजेंसी सेवाएं भी नहीं मिल पाईं।
जलभराव से दूध व अन्य जरूरी चीजों की सप्लाई भी रुकी
सुबह के वक्त हालत यह रही कि सड़कों ने नालों का रूप ले लिया था। लोगों के घरों में पानी घुसने से अफरा-तफरी का माहौल रहा। यही नहीं सड़कों पर जलभराव से दूध, दही, ब्रैड और अन्य जरूरी चीजों की सप्लाई भी नहीं हो पाई।
कोट
जिन इलाकों में नुकसान हुआ है। वहां निगम की टीम ने दौरा किया है। शहर में पानी की निकासी को दुरुस्त करवाया जाएगा। बीते साल भी इस पर काम हुआ है। कमियों को दूर किया जाएगा।
- पूर्णिमा शर्मा, डिप्टी मेयर, नगर निगम
कोट
नगर निगम की ओर से टीमें मौके पर भेजी गई है। पानी की निकासी के लिए उचित प्रबंध किए जाएंगे। पहले भी इस पर काम हुआ है। अब ओर बेहतर ढंग से काम होगा।
- चंद्र मोहन गुप्ता, मेयर, नगर निगम
एक हजार घरों में पानी घुसने की सूचना
शहर के नई बस्ती, सतवारी के जवाहर नगर, गांधी नगर के लास्ट मोड़, ग्रीन बेल्ट पार्क, नानक नगर, रोई मोड़ जम्मू स्थित बलोल नाले के पास, त्रिकुटा नगर के बसंत बिहार आदि क्षेत्रों में एक हजार से अधिक घरों में पानी घुसने की सूचना है। लोगों ने निगम के खिलाफ भड़ास भी निकाली। गाडीगढ़ के रोई मोड़ स्थित बलोल नाला उफान पर आने से आसपास के 50 से ज्यादा घरों में करीब 3 फुट तक पानी भर गया। दोपहर तक लोग पानी निकालने में लगे रहे। सामान सुरक्षित जगह शिफ्ट करना पड़ा। यहां बनी पुलिस चौकी पांच फुट पानी में डूब गई। चौकी के सामने पंद्रह दिन पहले बनी पब्लिक हेल्थ सेंटर की दीवार भी क्षतिग्रस्त हो गई।
जवाहर नगर में नाले की दीवार टूटी, 300 घर प्रभावित
शहर के सतवारी स्थित जवाहर नगर में नाले की दीवार टूट गई। इससे करीब 300 घरों में पानी घुस गया। यह दीवार 2008 में बनाई गई थी, ताकि पानी ओवरफ्लो होकर बाहर न निकल सके। कालिका कॉलोनी के लोगों ने कहा, कई बार निगम को नाले की सुरक्षा दीवार दोबारा बनाने को कहा, लेकिन कोई सुनवाई नहीं। पुलिस ने स्थानीय पार्षद को नुकसान की रिपोर्ट बनाकर देने को कहा है।