उपमुख्यमंत्री डॉ. निर्मल सिंह
- फोटो : FILE PHOTO
उपमुख्यमंत्री डॉ. निर्मल सिंह ने कहा कि रियासत में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है। आतंकवादियों की तरफ से निर्दोष लोगों की हत्या पर अलगाववादियों की चुप्पी निंदनीय है। यही लोग आतंकवादी के मरने पर हड़ताल का आह्वान करते हैं।
वे एक समाचार एजेंसी के साथ बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जो आतंकवाद की राह छोड़कर आत्मसमर्पण करेंगे उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से जिंदगी जीने का अवसर मिलेगा, लेकिन जो आतंकवादी हैं उन्हें मरना ही होगा।
दक्षिण कश्मीर में पिछले रविवार को एक ही दिन में 13 आतंकवादियों को मार गिराया गया और एक आतंकवादी ने आत्मसमर्पण किया। यह दर्शाता है कि आतंकवाद को लेकर सरकार कमजोर नीति नहीं अपना रही है।
उन्होंने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वह पाकिस्तान और अलगाववादियों से बातचीत शुरू करने की मांग कर सियासत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने दिनेश्वर शर्मा को वार्ताकार बनाया हुआ है। वह बातचीत के रास्ते से हल चाहने वाले हर व्यक्ति से मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत की मजबूत नीति से पाकिस्तान और आतंकवादियों का मनोबल टूट चुका है।