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इलाज से बेहतर है दातों का बचाव, रखें ख्याल

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मसूढ़ों की समस्या और दांतों में कीड़ा लगने के कारण दर्द से कराहने वालों के लिए अच्छी खबर है। दांतों की तकलीफों के इलाज से जुड़ी नई जानकारियों और ताजा तकनीकों से अब मरीजों का इलाज भी किया जाएगा। उन्हें इलाज से अधिक बीमारियों से बचाव के तरीके बताए जाएंगे।
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इंदिरा गांधी डेंटल कालेज के डाक्टरों को दंत चिकित्सा से जुड़ी नई तकनीकों के बारे में परिचित करवाने के लिए तीन सम्मेलन आयोजित किया गया है। दसवें राज्य एवं अंतर राज्य स्तर के सम्मेलन का आयोजन इंडियन डेंटल एसोसिएशन, इंदिरा गांधी डेंटल कालेज और इंस्टीट्यूट आफ साइंसेज सयोड़ा द्वारा आयोजित किया गया है।

प्री कांफ्रेंस के तौर पर कालेज के सभागार में कार्यक्रम आयोजित किया गया। विशेषज्ञ डाक्टरों ने बताया कि 90 प्रतिशत समस्याएं मसूढ़ों से जुड़ी होती हैं, जबकि 80 प्रतिशत समस्या दांतों में कीड़ा लगने के कारण होती हैं।
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डेंटिस्ट्स को सिखाए गए इलाज के नए तरीके

इन बीमारियों में मरीजों को खर्चीले और महंगे इलाज से बचाने के लिए सबसे पहले उन्हें रोकथाम के तरीके बताने चाहिए। विशेषज्ञों ने इस बात पर भी जोर दिया कि दांतों से जुड़ी समस्याओं को कमतर नहीं आंक ना चाहिए।

इनको सामान्य तौर पर लेने की बजाय डाक्टर से परामर्श लेकर रोकथाम के उपाय पूछने चाहिए और उसके बाद ही इलाज की प्रक्रिया अपनानी चाहिए। कालेज के प्रिंसिपल डा. रोमेश सिंह जम्वाल ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि कांफ्रेंस में भाग लेने के लिए 600 डेलीगेट्स रजिस्टर हुए हैं।

इन डाक्टरों को बाहरी राज्यों से विशेषज्ञ डाक्टर दंत चिकित्सा संबंधी नई तकनीकों की जानकारी देंगे। डा एसपी अग्रवाल, डा क्षितिज भावेलकर, डा स्मृति भार्गव, डा राकेश थापर, डा अमूल्य चड्डा, डा. राजीव वर्मा, डा पीडी जोशी, डा पपंरीकर, डा विमल सिकरी, डा विकास जिंदल विभिन्न विषयों पर सम्मेलन के दौरान चर्चा करेंगे।
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