खनिज संपदा से भरपूर जम्मू संभाग के रियासी जिले में मिली बेशकीमती और महत्वपूर्ण धातु लीथियम भंडार की रिजर्व साइट सलाल हैमाना क्षेत्र का सीमांकन कार्य पूरा कर लिया गया है। यह लगभग तीन वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। राजस्व विभाग ने भी सीमांकित सीमाओं के भीतर आने वाले आवासों, पेड़ों और अन्य संपत्तियों की सूची तैयार कर ली है।
इसके बाद भारत सरकार की संबंधित एजेंसियां लीथियम खनन ब्लाक की बोली लगाने की प्रक्रिया पर काम करेंगी। रिजर्व साइट का दौरा करने पहुंचे खनन विभाग जम्मू कश्मीर के सचिव अमित शर्मा को सीमांकन कार्य की जानकारी दी गई। क्षेत्रवासियों ने खनन सचिव से जोर दिया कि जिन लोगों की संपत्ति लीथियम साइट क्षेत्र में आ रही है उन्हें उचित मुआवजा देना सुनिश्चित बनाया जाए।
सचिव ने बताया कि उपराज्यपाल और मुख्य सचिव के नेतृत्व में यूटी प्रशासन जल्द रियासी में लीथियम निष्कर्षण के लिए अगले कदम उठाने की दिशा में देख रहा है। इसमें सलाहकार आदि नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस क्षेत्र में अनुमानित 5.9 मिलियन लीथियम भंडार है।
उन्होंने क्षेत्रवासियों से चर्चा करते हुए कहा कि वे किसी प्रकार की दहशत या सुनाई जा रही बातों पर गौर न करें। सरकार की तरफ से उनसे बात कर ही आगे की कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा। राजस्व विभाग ने जो सर्वे किया है, उसमें निजी और सरकारी जमीनों का पूरा रिकार्ड आ गया है।
सरपंच प्रीतम सिंह, सरपंच मोहिंदर सिंह, क्षेत्रवासी राजिंदर सिंह ने बताया कि गांव के लोग अपने घर जमीन छोड़कर जाने की बात दहशत में हैं। इनके पुनर्वास की पूरी व्यवस्था करने के बाद ही आगे की कार्रवाई को शुरू किया जाए।
सचिव ने कहा कि गांव सलाल में लीथियम को निकालने के लिए की जाने वाली टेंडर प्रक्रिया से पहले यहांं के स्थानीय लोगों के पुनर्वास का काम पूरी जिम्मेदारी से किया जाएगा। पहले पुनर्वास और अन्य सुविधाएं दी जाएंगी उसके बाद ही काम शुरू होगा।
बाद में सचिव ने संपत्ति की पहचान के संबंध में हुई प्रगति के बारे में जिला उपायुक्त बबीला रकवाल, निदेशक भूविज्ञान व खनन सहित अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की। जम्मू कश्मीर में लीथियम की यह दुर्लभ खोज प्रदेश की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगी।